उत्तराखंड: हल्द्वानी के अस्पताल में गर्वभती की मौत पर हंगामा, गुस्साए परिजनों ने की तोड़फोड़

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हल्द्वानीः उत्तराखंड के हल्द्वानी में सुशीला तिवारी हॉस्पिटल के पास एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वहीं, आरोप है कि कुछ लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी और स्टाफ के साथ हाथापाई भी की। हंगामे से अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई। पुलिस ने किसी तरह आक्रोशित भीड़ को शांत किया। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।

गौजाजाली में उत्तर हिमालया स्कूल के पास रहने वाले राशिद ने अपनी गर्भवती पत्नी आसमा (26) को दो मई को रामपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उसे पीलिया है।

आसमा की रविवार की दोपहर मौत हो गई। इस पर परिजन आक्रोशित हो गए। आरोप है कि उन्होंने दो गेटों के शीशे तोड़ डाले। रोकने पर अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। इस दौरान गुस्साए लोगों ने अस्पताल के प्रबंधक के कमरे के दरवाजे को भी तोड़ने की कोशिश की। एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र के साथ सीओ शांतनु पाराशर, कोतवाल मनोज रतूड़ी सहित काफी फोर्स अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया।

मौत के बाद हंगामा बढ़ने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसएसपी का कहना था कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वाले चिह्नित किए जाएंगे। अस्पताल प्रबंधन की तहरीर का इंतजार किया जा रहा है। कांग्रेस नेता हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने तोड़फोड़ की घटना की निंदा है। उनका कहना है कि कोई डॉक्टर यह नहीं चाहता कि उसके अस्पताल में मरीज मरे। मरीज को डॉक्टर हर संभव बचाने की कोशिश करता है। ऐसे हालात में डॉक्टरों और उनके कर्मचारियों  का मनोबल टूटता है।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पीड़ित परिवार को माफ करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन से शहर के मुख्य  अस्पतालों पर पर्याप्त पुलिस फोर्स लगाने की मांग की है।

 

 

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