खबर हल्द्वानी से

जहां कमरे के अंदर अंगीठी जलाकर सो रहे रिटायर्ड दरोगा और उनकी पत्नी की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने शव कब्जे को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि कमरा पूरी तरह से बंद होने के कारण अंगीठी जलने से कमरे के अंदर आक्सीजन खत्म हो गई थी। नींद में होने के कारण उन्हें इसका अहसास नहीं हो सका।

 

 जानकरी अनुसार वार्ड नम्बर 35 नियर हरदा चौराहा दमुवाढूंगा निवासी 62 वर्षीय किशन राम चन्याल उधम सिंह नगर में दरोगा के पद पर तैनात थे। डेढ़ साल पहले ही उन्होंने बीआरएस लिया था। स्वजनों के अनुसार रविवार देर शाम खाना खाने के बाद किशन व उनकी पत्नी रेवती (60) कमरे में सोने के लिए चले गए। कमरे में दरवाजे खिड़की बंद कर उन्होंने अंगीठी जलाई और सो गए।

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दरवाजे खिड़की बंद होने से कमरे के अंदर अंगीठी का धुआं भर गया जिससे दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। सोमवार सुबह जब बड़ी बहू गुंजन कमरे में गई तो देखा था सास- ससुर अचेत पड़े थे। स्वजन दोनों को अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक का बड़ा बेटा सूर्यप्रकाश व्यवसाय करता है। जबकि छोटा बेटा पवन गंगोलीहाट में पटवारी है। दो मौतों से स्वजनों में कोहराम मचा है। वहीं कालोनी में मातम पसरा है।

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