
डबल इंजन ने दिखाया दम
अब देहरादून से मसूरी बस 12 मिनट में पहुंचेंगे आप पूरी ख़बर

डबल इंजन का दम अब सूबे की जनता को दिखने लगा आपको बता दे किबदेहरादून से मसूरी तक का दीदार अब आप आसमान से भी कर सकेंगे मतलब रेपवे से कर सकेंगे। आप सब जानते ही है कि देहरादून से मसूरी तक पहुंचने में बस हो या कार आमतौर एक से सवा घंटा लेती है साथ ही अगर सीजन में मसूरी पहुंचना हो या बर्फबारी हो रही हो और आप वहां जाना चाहते है जल्दी जल्दी तो आपको पर्यटकों को मार्ग पर घंटो जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। पर अब ये आने वाले समय मे नही होगा
क्योकि अब सड़क मार्ग वाली 35 किलोमीटर की दूरी को रोपवे के जरिये महज 10 से 12 मिनट में तय किया जा सकेगा। खुशखबरी ये है कि अब लगभग 300 करोड़ की लागत से देहरादून के पुरुकुल गांव से मसूरी के निकट गांधी चौक बस स्टेंड तक साढ़े पांच किमी लंबे रोपवे का बुधवार को सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने शिलान्यास किया है आपको बता दे कि यह रोपवे विश्व का पांचवां सबसे लंबा रोपवे होगा।
ओर जिसमें एक समय में करीब 1200 लोग आवागमन कर सकेंगे। इस रोपवे से समय की बचत तो होगी ही साथ ही सैलानी दून घाटी के विहंगम नजारों को भी देख सकेंगे।
इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित सिविल अस्पताल की सौगात मिलने से नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों सहित पर्यटकों को अब स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी नही भटकना नहीं पड़ेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सिविल अस्पताल का लोकार्पण किया। इसके अलावा नगर पालिका परिसर में निर्माणाधीन टाउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने देहरादून-मसूरी रोपवे का भी शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि करीब साढ़े पांच करोड़ की लागत से बने अस्पताल में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। लोगों को लंबे समय से इस अस्पताल के शुरू होने की प्रतीक्षा थी जो अब खत्म हो गई है। इसके अलावा देहरादून-मसूरी रोपवे की सौगात जल्द दी जाएगी। इसके निर्माण पर करीब 300 करोड़ की लागत आएगी। रोपवे निर्माण फ्रांस की कंपनी पोमा कर रही है।
ओर इस रोपवे को जोलीग्रांट एयरपोर्ट और देहरादून रेलवे स्टेशन से भी जोड़े जाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। जिससे देश-विदेश से मसूरी से आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की दिक्कतें न हों। उन्होंने बताया कि हाथीपांव सड़क को स्वीकृति दे दी गई है।
वही चामासारी मार्ग पर भी जल्द फारेस्ट की अड़चन को दूर कर लिया जाएगा। सीएम ने बताया कि मसूरी में पीपीपी मोड पर हाईटेक पार्किंग के लिए कार्य किया जा रहा है। मसूरी में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार से मसूरी-यमुना पेयजल योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। शीघ्र ही इसकी वित्तीय स्वीकृति मिल जाएगी। जिसके बाद जल्द ही इस पेयजल योजना का काम शुरू हो जाएगा। इसकी लागत करीब 500 करोड़ आएगी। बहराल कोई कुछ भी कहे पर डबल इंजन का दम अब उत्तराखंड की जनता को दिखने लगा है।





