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उत्तराखण्ड कांग्रेस ने उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव-2022 से पहले भाजपा को तगड़ा झटका दिया है। जी हा परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने अपने बेटे व नैनीताल विधायक संजीव आर्य के साथ सोमवार को नई दिल्ली में कांग्रेस ज्वाइन कर ली है।
यशपाल उत्तराखंड सरकार में समाज कल्याण मंत्री व परिवहन मंत्री थे। दोनों नेताओं ने पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, कांग्रेस प्रदेश कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित राष्ट्रीय महामंत्री-संगठन केसी वेणुगोपाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला की मौजदूगी में कांग्रेस का दामन थाम लिया। 
बाजपुर से विधायक और समाज कल्याण मंत्री यशपाल आर्य व उने बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक हैं।
दोनों ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। जिसके बाद भाजपा ने दोनों को विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी भी बनाया था। पिता और बेटे ने भाजपा को निराश न करते हुए जीत भी दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। लेकिन, विधानसभा चुनाव-2022 से पहले ही एक बार  फिर यशपाल और संजीव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया।

आपको बता दें कि इससे पहले भाजपा ने कांग्रेस में सेंध लगाई थी। विगत दिनों पुरोला से कांग्रेस विधायक राजकुमार ने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा का दामन लिया था। राजकुमार 2007 में सहसपुर सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक बने थे। 2012 में निर्दलीय चुनाव लड़े लेकिन उनको हार का मुंह देखना पड़ा था। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मालचंद ने राजकुमार को हराया था और वह दूसरे नंबर पर रहे थे। लेकि, 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में राजकुमार कांग्रेस के टिकट पर पुरोला सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। 
इससे पहले उक्रांद नेता व धनौल्टी विधायक प्रीतम पंवार भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उत्तराखंड में एक निर्दलीय विधायक राम सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए।

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भाजपा छोड़ कांग्रेस में दोबारा शमिल हुए कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके बेटे संजीव आर्य पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जाने वाले को कोई कहां तक रोक पाएगा, जाने वाले को कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में देश सबसे पहले फिर संगठन और व्यक्ति अंत मे आता है। कहा कि हो सकता है कि आर्य के व्यक्तिगत हित आड़े आए होंगे और शायद इसलिए उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन की है। धामी ने कहा कि भाजपा में उन्हें उचित सम्मान दिए जाने के साथ ही उत्तराखंड सरकार में परिवहन विभाग की अहम जिम्मेदारी भी दी थी। 
विधानसभा चुनाव-2022 से ठीक पहले कुमाऊं से किसी कदवार नेता के पार्टी छोड़ने से क्या भाजपा पर कोई असर पड़ेगा, इसपर बोलते हुए सीएम धामी ने कहा कहा भाजपा उत्तराखंड में बहुत ही मजबूती के साथ खड़ी है। किसी के छोड़ने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। दावा किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी भाजपा दाेबारा सरकार बनाएगी। 
वही सूत्र बताते है कि कुछ और भाजपा के नेता भी जल्द कांग्रेस जा सकते है इसमें खास कर वो नेता है जिन्हें भाजपा में कांग्रेस से आकर साल 2017 में शामिल हुए है

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आपको बता दे कि कुछ समय पहले हरीश रावत ने कहा था कि उनकी इच्छा थी कि उत्तराखंड में कोई दलित चेहरा ही मुख्यमंत्री होना चाहिए ऐसे में हरीश रावत को बड़ी भूमिका रही है यशपाल आर्य को फिर से पार्टी में वापस लाने में इसलिए कहा जा रहा है कि यदि कांग्रेस सता में आती जे तो यशपाल आर्य उत्तराखण्ड के डिप्टी मुख्यमंत्री बनाये जा सकते है हालाकि ये सब अभी अफवाएं है

वैसे सूत्रों के हवाले से मालूम चला  है कि आगामी दिनों में  5  से 8 नेता फिर दल बदलने वाले है बहराल देखते है आगे आगे क्या क्या होता है 

 

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