
रिर्पोटर चरण सिंह सितारगज़ बोलता उत्तराखंड़ पर आज आपको वो ख़बर बता रहा हूँ जिसे पढ़कर आप की भी आंखों मे पानी आ जाएगा। क्योकि हम बता रहे है एक महिला कैदी की दास्तां जिंसने लगाया आरोप की जेल अधीक्षक ने साथियों के साथ मिलकर किया दुष्कर्म । आपको बता दे कि ख़बर उधम सिंह सिंह नगर से है जहा गैंगरेप पीड़ित महिला कैदी न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रही है। इस महिला का आरोप है कि जेल अधीक्षक ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर घर पर उसी के बच्चों के सामने उसके साथ गैंगरेप किया। साथ ही वीडियो भी बनाया। ओर फिर ब्लैकमेल करके उसका शोषण भी होता रहा। महिला का ये भी आरोप है कि पुलिस ने मामले में रिपोर्ट नहीं लिखी। ओर कोर्ट से आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
अब पूरी ख़बर विस्तार से – इस पीड़ित महिला कैदी ने कई आरोप लगाकर पुलिस महकमे से लेकर राजनीति मे सनसनी फैला दी है। उसने बताया कि जो महिला कैदी जेल में बंद होती हैं, उनके साथ अत्याचार किया जाता है| जेल में बंद महिला कैदियों के साथ यौन शोषण किया जाता है| महिलायों के साथ बदसलूकी होती है। आरोप लगाया कि जेल में मौजूद अधिकारी और कर्मचारी ही महिला कैदियों को अपनी हवस का शिकार बनाते हैं|
आपको बता दे कि एक महिला कैदी ने खटीमा के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उसके भाई के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर वर्ष 2003 में उसे भी हल्द्वानी जेल भेज दिया गया था। हल्द्वानी जेल में उस समय डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत और वर्तमान में संपूर्णानंद जेल के अधीक्षक ने उसे कार्यालय बुलाकर दुष्कर्म किया।
महिला का आरोप है कि कुछ दिन बाद वह जमानत पर रिहा हो गई। इसके बाद डिप्टी जेलर की संपूर्णानंद जेल में तैनाती हो गई। यहां वह राजस्व विभाग की जमीन पर खेतीबाड़ी करने साथ ही जेल में एक संस्था के माध्यम से कार्य कर रही थी। तब एक बार फिर उसकी मुलाकात जेल अधीक्षक से हुई। आरोप है कि अक्तूबर 2016 में जेल अधीक्षक ने फिर उसे अपने कार्यालय बुलाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। जिसका विरोध कर वह घर चली आई। ओर फिर उसके बाद
नवंबर 2016 में आरोपी जेल अधीक्षक अपने जेलर और एक अन्य कर्मचारी के साथ उसके घर आया और उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया| इसके बाद जेल अधीक्षक उसके साथ आए दिन दुष्कर्म करने लगा। 26 जनवरी 2017 की रात करीब साढ़े 8 बजे तीनों उसके घर आए और दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि जेलर और कर्मचारी ने मोबाइल से उसकी वीडियो भी बनाई और इसे इंटरनेट पर अपलोड कर बदनाम करने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म करते रहे।
इस महिला का आरोप है कि तीन मई 2018 की रात को आरोपियों ने एक बार फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद 18 जून 2018 को उसने एसएसपी, मुख्य सचिव, आईजी, डीआईजी, डीजीपी और महिला आयोग की अध्यक्ष को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर उसने न्यायिक मजिस्ट्रेट नाजिश कलीम की अदालत में न्याय के लिए गुहार लगाई।
28 जुलाई को अदालत ने सितारगंज थानाध्यक्ष को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। मामले में एसएसआई मदन मोहन जोशी ने बताया कि कोर्ट के आदेश की प्रति अभी नहीं मिली है। ओर आदेश आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कोतवाल संजय कुमार के मुताबिक फिलहाल कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अब बोलता है उत्तराखंड़ की अगर महिला की बात मे पूरी सच्चाई है और जेल मे बंद महिला केदियो के साथ ये सब कुछ होता आया है तो देवभूमि शर्मशार हो गयी है। साथ ही महिला ने जिस तरह जेल अधीक्षक पर लगातार एक के बाद एक बार बार अलग अलग समय पर गैग रेप का आरोप लगया है ।ओर ये भी कहा है कि ये सब तब होता था जब वो उसकी अश्लील वीडियो बना चुके थे और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर आये दिन उसके साथ दुष्कर्म करते थे। बहराल इस पूरे प्रकरण की ईमानदारी के साथ जांच की जाए तो सारी तस्वीर निकलकर सामने आ जाएगी बस देखना ये है कि यहा पर जीरो टालरेश की तरह बडे अफसर उचित कार्यवही करते भी है या नही ।




