
देहरादून: सीबीएसई के 9वीं और 11वीं के छात्रों को वार्षिक परीक्षाएं देने स्कूल आना होगा। सीबीएसई ने बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को परीक्षाएं ऑफलाइन माध्यम से करवाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हर इंतजाम करने के भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। हालांकि, प्रदेश की बात करें तो वर्तमान में सरकार की एसओपी के हिसाब से यह व्यवस्था यहां लागू हो पाना संभव नहीं।
सीबीएसई बोर्ड की ओर से जारी नोटिफिकेशन में स्कूलों में नया सत्र एक अप्रैल से शुरू करने का भी सुझाव दिया गया है। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि बड़ी कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाओं के जरिये यह पता लगाने में आसानी होगी कि कोविड-19 के चलते छात्रों को पढ़ाई में कितना नुकसान हुआ है। जिसे दूर करने के लिए नए सत्र में प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं। नुकसान की भरपाई के लिए ब्रिज कोर्स का सहारा भी लिया जा सकता है।
सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि नोटिफिकेशन में छात्रों को स्कूल बुलाकर पढ़ाई करवाने पर जोर देते हुए कहा गया है कि छात्रों को फेस-टू-फेस कक्षाओं के लिए तैयार किया जाना चाहिए। जिससे उन्हें प्रयोगात्मक एवं लिखित परीक्षाओं की तैयारी में सीधी मदद मिल सके। साथ ही ऑनलाइन कक्षाओं के कारण पढ़ाई में आए गैप को कम करने के लिए विशेष प्रयास करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि नौवीं एवं 11वीं के छात्रों को आपात स्थिति में ही ऑनलाइन परीक्षाओं का विकल्प दिया जाएगा।
बता दें कि, सीबीएसई ने इस साल की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तारीखें भी जारी कर दी हैं। 10वीं-12वीं की प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक मार्च से 11 जून 2021 के बीच होंगी। संबंधित छात्र सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। क्षेत्रीय निदेशक रणबीर सिंह ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 मई से पहले पूरी करने की कोशिश रहेगी, क्योंकि इसके बाद मूल्यांकन शुरू होने की संभावना है।





