उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का पहला वोट कल शुक्रवार को डाला जाएगा। अस्सी साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग जनों को मिलने वाली ‘घर से वोट’ सुविधा के जरिए मतदान की शुरुआत होगी। इस प्रक्रिया से उत्तराखंड में कुल 16,926 मतदाता अपना वोट देंगे। 

भारत निर्वाचन आयोग ने पहली बार घर पर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसमें अस्सी साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग जनों को घर से ही मतदान का विकल्प दिया गया। वोटर लिस्ट के आंकड़ों के मुताबिक इस सुविधा के लिए कुल 1.58 लाख वरिष्ठ नागरिक और 68.47 हजार दिव्यांगजन पात्र थे, लेकिन तय समय तक इस श्रेणी के कुल 16,926 लोगों ने ही घर पर वोट करने का विकल्प चुना है।

 

चूंकि इस श्रेणी के लिए मतदान में समय लगना है, इसलिए मतदान की शुरुआत भी इस श्रेणी के जरिए शुक्रवार से हो रही है। सभी जिलों में मतदान कर्मी चिन्हित मतदाताओं के घर पर जाकर मतदान सम्पन्न कराएंगे। घर पर मतदान की प्रक्रिया 13 फरवरी तक पूरी की जानी है। इस श्रेणी के शेष मतदाता मतदान केंद्र पर जाकर पहले की तरह मतदान कर सकते हैं।

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पेन से लगाना होगा निशान
तय गाइडलाइन के मुताबिक निर्वाचन टीम मतदाता को अपने आने की सूचना पहले से देगी। इसके बाद दो मतदान कर्मी, एक माइक्रो ऑबजरवर, एक सहायक की टीम सुरक्षा कर्मियों के साथ तय समय पर मतदाता के घर पर पहुंचेगी। इसकी सूचना प्रत्याशियों को भी दी जाएगी। घर पर वोट करने के लिए मतदाता को पोस्टल बैलेट पर पसंद के प्रत्याशी के सामने पेन से सही या क्रास का निशान लगाना होगा।

फिर पोस्टल बैलेट को छोटे लिफाफे में बंद कर, इसे फार्म 12 के साथ बड़े लिफाफे में बंद कर सील किया जाएगा। जिसे मतदान कर्मी अपने साथ तय बैग में लेकर जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया की अनिवार्य तौर पर वीडियो ग्राफी होगी। निर्वाचन टीम इस तरह के सभी बैलेट पेपर उसी दिन शाम तक संबंधित एआरओ के पास जमा करेंगे। 

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एक बार नहीं मिले तो दूबारा आएगी टीम
यदि किसी कारण वश एक बार में संबंधित मतदाता अपने घर पर नहीं मिल पाता है तो निर्वाचन टीम दूबारा उनके घर पर जाएगी। दूसरी बार भी मतदाता नहीं मिल पाता है तो फिर यह सुविधा उन्हें नहीं मिल पाएगी। गाइडलाइन के मुताबिक दृष्टिहीन मतदाता, मतदान के लिए अपने साथ किसी वयस्क हेल्पर की सुविधा ले सकता है। मतदान प्रक्रिया को गोपनीय बनाए रखने के लिए निर्वाचन टीम अपने साथ वोटिंग कम्पार्टमेंट भी लेकर जाएगी।

डेढ़ प्रतिशत पोस्टल बैलेट
घर पर मतदान करने वाले 16,926 वोटर के अलावा 93,964 सर्विस वोटर और मतदान कर्मियों के साथ ही आवश्यक सेवा के कर्मी भी पोस्टल बैलेट का प्रयोग करेंगे। इस कारण कुल पोस्टल बैलेट की संख्या इस बार कुल मतदाता संख्या के करीब डेढ़ प्रतिशत पहुंच रहा है। जो कांटे की टक्कर में कुछ जगह निर्णायक साबित हो सकता है।

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