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*मुख्यमंत्री ने की कोविड-19 एवं डेंगू से बचाव कार्यों की समीक्षा।*
• *त्यौहारों से पहले इस सम्बन्ध में की जाय प्रभावी व्यवस्था।*
• *उत्तराखण्ड अटल भारत आयुष्मान योजना को बनाया जाय और अधिक व्यवहारिक।*
• *योजना से अधिक से अधिक लोग हो लाभान्वित इस पर दिया जाय ध्यान।*

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कोविड 19 के साथ डेंगू एवं मलेरिया बीमारी की रोकथाम के लिये प्रभावी प्रयासों की जरूरत बताते हुए इस सम्बन्ध में सभी सम्बन्धित विभागों एवं जिलाधिकारियों को समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिये हैं।

सोमवार को सचिवालय मे इस सम्बन्ध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं शासन के उच्चाधिकारियों के साथ आयोजित बैठक मे मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिये हैं। सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के बाद डेंगू एवं मलेरिया के लक्षण सामने आते हैं। इसके लिये साफ सफाई, दवा आदि के छिड़काव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि डेंगू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाया जाय। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय कि अस्पतालों में प्लेटलेट्स की पर्याप्त उपलब्धता हो। नगर निकायों द्वारा समय-समय पर फॉगिंग की जाए। शहरी क्षेत्रों में डेंगू से बचाव के लिए स्वच्छता एवं जल निकासी पर विशेष ध्यान दिया जाय। तथा व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाय।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वर्षाकाल के बाद डेंगू जैसी बिमारियों की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसके लिये प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक प्रबन्धन पर ध्यान दिया जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोरोना की रिकवरी रेट में तेजी से सुधार हुआ है। इस पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे, इस दिशा में सतर्क रहने की भी जरूरत उन्होंने बतायी।

कोविड-19 की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का प्रभाव कम जरूर हुआ है लेकिन समाप्त नही हुआ है इसके लिए सभी स्तरों पर एहतियात एवं सावधानी बरती जानी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बन्ध में भी व्यापक जनजागरूकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रभाव को नियन्त्रित करने के लिये इस सम्बध में जारी निर्देशों एवं सावधानियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाय, लोग इसके प्रति लापरवाह न बने इस पर ध्यान दिया जाय।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये है कि राज्य सरकार द्वारा जनहित को ध्यान मे रखते हुए 207 प्रकार की पैथालॉजिकल जांचे निशुल्क उपलब्ध कराये जाने, जच्चा बच्चा को अस्पताल से निःशुल्क घर छोड़ने के लिये संचालित खुशियों की सवारी जैसी योजनाओं का भी जनता को सरल तरीके से समझाने के लिये व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि अटल आयुष्मान योजना का लाभ लोगों को मिल रहा है, इसकों और अधिक प्रभावी बनाये जाने के लिये स्वास्थ्य विभाग, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ ही निजि चिकित्सालयों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की जाएं।

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मुख्यमंत्री ने सभी पीएचसी एवं सीएचसी मे आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों की व्यवस्था के साथ ही तीन नये मेडिकल कालेजों हरिद्वार, रूद्रपुर एवं पिथौरागढ़ में अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने को कहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम केयर फण्ड के तहत उपलब्ध कराये गये वेंटिलेटर आदि की भी जानकारी प्राप्त की तथा इनकी स्थापना के सम्बन्ध मे कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य डॉ0 पंकज कुमार पाण्डेय ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कोरोना संक्रमण की रोकथाम, वैक्सीनेशन, डेंगू एवं मलेरिया आदि बीमारियों से बचाव के लिये किये जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  आनन्द वर्द्धन, सचिव  अमित नेगी, अपर सचिव स्वास्थ्य  सोनिका, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति भट्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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