
त्रिवेंद्र रावत की सरकार मै कोंन से पॉलिटेक्निक कालेज होंगे बंद, आइये आपको बता दे।
अभी तैयार हो रहा प्रस्ताव ।
उत्तराखंड मैं त्रिवेंद्र रावत की सरकार ढाई साल का सफर पूरा कर चुकी है अब त्रिवेंद्र सरकार के पास काम काज के लिए उत्तराखंड के विकास के लिए बस ढाई साल ओर है ।
आपको बता दे कि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिए त्रिवेंद्र सरकार कम छात्र संख्या वाले पॉलिटेक्निक कालेजों को बंद करने जा रही है इसके लिए तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर शैक्षिक सत्र 2019-20 में हुए प्रवेश के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिन पॉलिटेक्निक कालेजों में अलग-अलग ट्रेडों में निर्धारित सीटों से काफी कम छात्रों ने प्रवेश लिया है। उन्हें सरकार इसी सत्र से बंद कर देगी। त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार का पॉलिटेक्निक कालेजों में शिक्षा की गुणवत्ता और रोजगारपरक कोर्स संचालित करने पर फोकस है इस बात को सरकार लगातार कह रही है । उत्तराखंड में अभी 70 पॉलिटेक्निक कालेज संचालित हैं। ओर इन कालेजों में शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए 17,220 सीटों पर प्रवेश की अंतिम चरण की प्रक्रिया चल रही है। आल इंडिया काउंसिल फार टेक्नीकल एजूकेश के मानकों के अनुरूप कालेजों को चलाने के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि कम छात्र संख्या वाले कालेजों को बंद किया जाएगा। यदि किसी कालेज में विभिन्न ट्रेडों में कुल 50 सीटें आवंटित है, लेकिन मात्र 20 छात्रों ने प्रवेश लिया है। ऐसे कालेजों को सरकार बंद कर सकती है।
त्रिवेंद्र रावत की सरकार का मानना है कि प्रदेश में कई पॉलिटेक्निक कालेजों के पास अपना भवन नहीं है और किराये के भवनों में चल रहे हैं। वहीं, कालेजों में वर्षों पुराने ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। जिन ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की उद्योगों में रोजगार के लिए डिमांड नहीं है। वहां ऐसे पॉलिटेक्निक कालेजों में त्रिवेंद्र सरकार रोजगारपरक कोर्स चलाए जाने की तैयारी कर रही है जिनमें रोजगार की ज्यादा संभावनाएं है। इसके लिए भी तकनीकी शिक्षा विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
बहराल नेताओ ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए कदम कदम पर स्कूल, कॉलेज , ओर तकनीकी कालेज पहले खोलने की घोषणाये करवाई फिर जब वो जीत गए या उनकी सरकार आई तो अपने अपने समय के मुख्यमंत्री से आदेश निकलवाये ओर फिर खुले ये सब स्कूल, कालेज नेताओ ने कभी ये नही देखा कि घोषणाये तो हमने कर दी पर यहा छात्र छात्राओं की संख्या कितनी है ?





