
शराबी पति से तंग आकर महिला ने खाया ज़हर
उत्तराखंड की शांत माहौल में शराब जैसा डंक लग चुका है। एक दिन पहले की बात है कि मैंने एक तसवीर पोस्ट की थी अनेकों अख़बारों में वह तस्बीर आई कि कोलागड़ में अवैध रुप से शराब बिक रहा है। पुलिश की छापेमारी में करीब 80 पेटी शराब भी पकड़ी गई थी मगर सुनने में आया कि यह मात्र 10% शराब थी बाकी तो पहले ही ठिकाने लग चुकी है। जिल्ला पौड़ी का यह सुदूरवर्ती इलाका मूलभुत शुबिधावों से वंचित तो है ही मगर नशाखोरी का अड्डा भी है। दुकान भी विद्यालय समीप ही है जिस से युवा वर्ग नशे का आदी हो रहा है। मुझे जिस बात का डर था आखिर वही हुआ आज एक महिला ने सरकार को व सरकारी तंत्र को यह याद दिलाया कि आप की हर नीति खत्म है। आप नाकारा हो।
ताजा मामला है श्रीमती रेणु ध्यानी W/0 श्री देवेंद्र प्रसाद ध्यानी ग्राम गडरी,कोलागाड का जिन्होंने अपने पति के शराब की लत की वजह से आज सुबह ज़हर ख़ाकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने की सोची। रोज रोज के झगड़ो से तंग व ग़रीबी से लाचार इस महिला ने आसान रास्ता चुना। मगर समय रहते ग्रामीणों को पता चल गया और महिला को सतपुली हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां से डॉ ने कोटद्वार राजकीय चिकित्सालय भेज दिया। महिला की हालत इतनी खराब थी कि डॉ ने कोटद्वार से आज सुबह उन्हें जौलीग्रांट ऋषिकेश भेज दिया। जहां आज सुबह 9 बजे महिला ने दम तोड़ दिय।
हम यह सवाल सरकार से पूछ रहे है कि किस लिए रखे है आप ने कर्मचारी क्षेत्र में। हम को हर ख़बर है औऱ आप को कोई ख़बर नही। एक तरफ़ आप शराब के ठेके खोल रहे है। औऱ साथ में आप के कर्मचारी अवैध शराब को बढ़ावा दे रहे है।
गौरतलब है कि समूचे क्षेत्र में महिलाओं ने बिगत 15 दिन से शराब के खिलाप मुहिम छेड़ी है और शराब तस्कर घबराए है मगर पुलिश माफियाओं को पूरा सहयोग कर रही है।
देवेश आदमी की कलम से




