
भगवान सिंह की रिपोर्ट।
जंगली जानवरों के बीच कैसे जान बचाएं यमकेश्वर की जनता , तेरे मेरे पहाड़ की जनता आज फिर भालू ने किया हमला लाखन सिंह घायल
बता दे कि यमकेश्वर ब्लॉक के नीलकण्ठ के पास भादसी गांव में आज 12 अक्टूबर की दोपहर लगभग 1 बजे खेत मे भालू ने अधेड़ ब्यक्ति जो ग्राम भादसी के है उन पर भालू ने हमला कर दिया बता दें कि 65 वर्षीय लाखन सिंह पुत्र स्व० गुलाब सिंह को भालू ने बुरी तरह से घायल कर दिया।

उसी समय ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भागी, अंदाजा लगाया जा रहा है कि भालू बच्चों के साथ में थी जिस कारण इसने हमला किया।
वही सूचना पाकर तोली के पूर्व ग्राम प्रधान रविन्द्र नेगी मौके पर पहुंचे और उन्हें अपने वाहन से नीलकंठ तक पंहुचाया जहाँ से 108 एम्बुलेस सेवा से उन्हें एम्स ऋषिकेश पंहुचाया गया जहाँ उनकी हालत स्थिर बनी हुई है |
वही रेंजर दिनेश उनियाल ने बताया कि घायल लाखन सिंह को जो कि aiims अस्पताल में है विभाग द्वारा तत्काल 15000 की आर्थिक मदद की जा रही है व गांव में गश्त बढ़ा दी गयी है।
वही इससे पहले कल 11 अक्टूबर की दोपहर को जुलेडी निवासी तारा दत्त की गाय को भी बाघ ने अपना निवाला बना दिया था
ख़बर है कि इस क्षेत्र मैं पिछले 2 महीने में लगभग 3 दर्जन भर से अधिक मवेशियों को बाघ ने अपना निवाला बना दिया है।
तो जानकार कहते है कि रात के समय बाइक सवारों का पीछा भी बाघ द्वारा किया जा रहा है।गाँव वाले डर के साये मैं है और कहते है कि यहां हम
ग्रामीण कैसे अपना जीवन यापन करें
हमारी चिंता करने वाला कोई नही
फिर आप ही बताओ कैसे यहाँ से हम पलायन न करे तो क्या करे।
हमारे पास तो जन प्रतिनिधि, नेता, विधायक,सांसद ओर सरकार सिर्फ वोट के समय ही आती है वादे होते है और उसके बाद सब भूल जाते है कि हमारे दुःख दर्द।
कोई रास्ता आखिर सरकार क्यो नही निकालती अगर कोई मानव और जानवर के बीच के सघर्ष का रास्ता सरकारे निकाले तो हम भी उनका पूरा साथ देगे पर कोई रास्ता तो निकले।
बहराल पहाड़ के इस दर्द की दास्तां ये कोई नई नही है। हर महीने हर साल इस दर्द के कारण आंकड़े बढ़ते जा रहे है बस अगर कुछ नया होगा तो यही कि कुछ मज़बूत कदम उठाए जाएं, ताकि मानव और जानवर के सघर्ष को काफी हद तक कम किया जा सके।






