हमारे व्हॉट्सपप् ग्रुप से जुड़िये

मुख्यमंत्री ने की उर्जा विभाग की समीक्षा।
उर्जा निगमों में हो टेक्निकल परफामेंस आडिट की व्यवस्था।
संचालित उर्जा परियोजनाओं का मोनटरिंग के साथ बनायी जाय एसओपी।
पुरानी विद्युत परियोजनाओं की मरम्मत पर हुए व्यय तथा क्षमता विकास का तैयार किया जाय विवरण।
शहरो के विस्तारीकरण के साथ पावर स्टेशनों की स्थापना का भी तैयार किया जाय मास्टर प्लान।
राज्य के समग्र एनर्जी प्लान के साथ लाइन लॉस को कम करने की तैयार की जाय प्रभावी कार्ययोजना।
लाइन लॉस को कम करने के लिये अधिकारियों की तय की जाय जिम्मेदारी, दोषियों के विरूद्ध की जाय कार्यवाही।
विद्युत बिलों में गडबडी की शिकायतों को दूर करने के लिये प्रदेश में 15 सितम्बर से 30 सितम्बर तक केम्प लगाये जाने के दिये निर्देश।

मुख्यमंत्री   पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में उर्जा एवं वैकल्पिक उर्जा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने उर्जा निगमों में कार्यों की गुणवत्ता एवं सुधारों के प्रति ध्यान देने के साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाये जाने के लिये सामुहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित कर ‘‘की परफारमेंस इंडिकेशन (K.P.I.)‘‘ से इसे जोड़ा जाय।
मुख्यमंत्री   पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि उर्जा निगमों के कार्यकलापों में तेजी लाये जाने तथा गुणात्मक सुधार के लिये टेक्निकल परफारमेंस आदि में व्यवस्था बनायी जाय। उन्होंने उर्जा निगमों के स्तर पर संचालित परियोजनाओं एवं योजनाओं में टेक्निकल परफारमेंस आडिट की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, संचालित विद्युत परियोजनाओं का पर्यवेक्षण के साथ एसओपी तैयार किये जाने, पुरानी विद्युत परियोजनाओं का अनुरक्षण एवं मरम्मत पर हुए व्यय तथा इससे उपलब्ध विद्युत क्षमता विकास का विवरण तैयार किये जाने के भी निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री ने शहरों के विस्तारीकरण के साथ पावर स्टेशनों की स्थापना के लिये भूमि की उपलब्धता आदि का मास्टर प्लान भी तैयार किये जाने, तथा प्रदेश के सामग्र इनर्जी प्लान के साथ लाइन लॉस को कम करने के लिये कारगर प्रयासों की भी जरूरत बतायी। उन्होंने इसके लिये अधिकारियों की जिम्मेदारी भी निर्धारित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में विद्युत बिलों में गडबडी की शिकायतों को दूर करने के लिये 15 सितम्बर से 30 सितम्बर तक शिविर लगाकर बिजली बिलों के सम्बन्ध में जनता की शिकायतों का निराकरण करने के भी निर्देश दिये हैं। उन्होंने विद्युत योजनाओं से सम्बंधित कार्यों की टेण्डर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाये जाने पर भी ध्यान देने को कहा ताकि अधिक से अधिक प्रतिभागी इसमें भागीदारी कर सके। मुख्यमंत्री ने विद्युत स्टेशनों की स्थापना विद्युत लाइनों आदि से सम्बन्धित वन भूमि हस्तान्तरण के प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाये जाने के भी निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिये कि प्रदेश में उद्योगों को बिजली कटौती का सामना न करना पडे इसकी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। मुख्यमंत्री ने अण्डर ग्राउण्ड केबलिंग एवं स्मार्ट मीटर योजना के क्रियान्वयन में भी तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार के स्तर पर लम्बित योजनाओं का विवरण तैयार करने के साथ ही लखवाड व्यासी जमरानी आदि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी लाये जाने के निर्देश दिये। इस सम्बन्ध में यदि आवश्यकता हुई तो केन्द्रीय उर्जा एवं सिंचाई मंत्रियों से भी मुख्यमंत्री द्वारा वार्ता की जायेगी।
सचिव उर्जा श्रीमती सौजन्या ने व्यापक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उर्जा के तीनों निगमों तथा उरेडा की कार्य प्रगति, संचालित परियोजनाओं एवं योजनाओं की स्थिति विद्युत उत्पादन खपत भावी योजनाओं तथा आय व्ययक से सम्बन्धित जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.सन्धु, अपर मुख्य सचिव श्री आनन्द वर्धन, अपर सचिव श्री इकबाल अहमद, प्रबन्ध निदेशक श्री दीपक रावत के साथ ही उर्जा निगमों एवं उरेडा, विद्युत सुरक्षा से सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।

यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here