
मुख्यमंत्री बनने के बाद तीरथ सिंह रावत के चौबट्टाखाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इस सीट से तीरथ पहले भी विधायक रहे हैं और 2017 के चुनाव उनकी इस सीट पर भाजपा ने सतपाल महाराज को टिकट दिया था। सोशल मीडिया की खबरों के बाद महाराज की बेचैनी बढ़ गई। उन्होंने बयान दिया कि वे चौबट्टाखाल सीट नहीं छोड़ेंगे। न ही उनका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का कोई इरादा है।
उत्तराखंडः अब मुख्यमंत्री की सीट पर सस्पेंस, कहां से लड़ेंगे उपचुनाव?
उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद तीरथ सिंह रावत को छह महीने के अंदर विधानसभा में चुनकर आना है। वे किस सीट से चुनाव लड़ेंगे, अभी इस पर सस्पेंस बना है।
बता दे कि सोशल मीडिया में उनके चौबट्टाखाल से चुनाव लड़ने की खबरें वायरल हुईं तो वहां से विधायक सतपाल महाराज ने इसे निराधार बताकर संकेत दिए कि वह यह सीट छोड़ने वाले नहीं हैं।
वही इस बीच बदरीनाथ सीट से विधायक महेंद्र भट्ट ने मुख्यमंत्री को अपनी सीट से चुनाव लड़ने की पेशकश की।
सूत्रों के मुताबिक, त्रिवेंद्र सरकार में मंत्री रहे एक विधायक ने भी दूरभाष पर तीरथ को सीट छोड़ने की पेशकश की है।

तीरथ के लिए इन सीटों का है विकल्प
विधानसभा सीटों के ऐसे कई विकल्प हैं, जहां तीरथ सिंह रावत चुनाव लड़ सकते हैं। इनमें डोईवाला, श्रीनगर और कोटद्वार विधानसभा सीट प्रमुख हैं। भाजपा मुख्यमंत्री को इन तीनों में से किसी एक सीट पर उपचुनाव लड़ा सकती है।
एक विकल्प यह है कि भाजपा डोईवाला विस सीट खाली करे और वहां से विधायक पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पौड़ी लोस सीट से उपचुनाव लड़ाए।
पौड़ी संसदीय सीट में शामिल श्रीनगर और कोटद्वार में से कोई एक सीट तीरथ के लिए खाली की जा सकती है
सूत्र बता रहे है कि यदि मंत्री पद की शपथ हरक सिंह को नही दिलाई गई तो कोटद्वार सीट से उप चुनाव मुख्यमंत्री तीरथ को लड़ाया जा सकता है








