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देवभूमि उत्तराखड के 8वें राज्यपाल के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने ली शपथ  (लोगो ने कहा उनका राज्यपाल बनाना उत्तराखंड के लिए शुभ है )

 

आज लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली। गुरमीत सिंह ने राज्य के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान ने उन्हें राजभवन में शपथ दिलाई। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एसएस संधु ने किया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य व आला अधिकारी, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त राज्यपाल का किया स्वागत 
उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत)  गुरमीत सिंह के राजभवन पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे मुलाकात कर उनका स्वागत किया।

राजभवन पहुंचने पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, स्वामी यतीश्वरानंद, मुख्य सचिव एसएस संधू, पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, सचिव राज्यपाल बृजेश कुमार संत, जिलाधिकारी डा. आरराजेश कुमार, एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

मंगलवार को गुरमीत सिंह
जीवन परिचय
लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेना से 2016 में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने सेना में करीब 40 वर्ष की सेवा दी। इस दौरान उन्होंने चार राष्ट्रपति पुरस्कार और दो चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमंडेशन अवॉर्ड प्राप्त किए। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेना डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह सेना एडजुटेंट जनरल और 15 कार्प्स के कमांडर रहे हैं। वह चीन मामलों से जुड़े मिलिट्री ऑपरेशन के निदेशक भी रहे हैं। उन्होंने सैनिक स्कूल कपूरथला (पंजाब) से स्कूलिंग की और नेशनल डिफेंस कॉलेज और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ से स्नातक किया है। गुरमीत सिंह ने चेन्नई और इंदौर विश्वविद्यालयों से दो एम फिल डिग्री ली है। गुरमीत सिंह चेन्नई विश्वविद्यालय से ‘स्मार्ट पावर फार नेशनल सिक्योरिटी डायनेमिक्स’ विषय पर पीएचडी कर रहे हैं।

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देहरादून:/ उत्तराखंड

लेफ़्टिनेंट जनरल ( रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने आज उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ ली है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आरएस चौहान ने जनरल सिंह को राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई।
इस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा रिटायर्ड सैन्य ऑफ़िसर्स रहे। चीफ सेक्रेटरी डॉ एसएस संधु ने कार्यक्रम का संचालन किया।

*उत्तराखंड राजभवन में पहली बार पूर्व सैन्य अधिकारी*

जनरल सिंह के उत्तराखंड राजभवन में होने के सियासी निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी रिटायर्ड सैन्य अफसर को राजभवन भेजा गया है, वह भी तब जब चार माह बाद राज्य में विधानसभा के चुनाव होने हैं और यहाँ फौजी वोटर ख़ासा अहमियत रखता है।
खासकर तब जब पहाड़ पॉलिटिक्स में पूरी ताकत से जोर आजमाइश करने उतरी आम आदमी पार्टी फौजी वोटों को लुभाने को कर्नल अजय कोठियाल को अपना मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर चुकी है। जाहिर है जनरल सिंह की राजभवन में उपस्थिति उसकी काट समझी जा सकती है। इतना ही नहीं किसान आंदोलन के चलते तराई और मैदान के नाराज सिख वोटर को लुभाने का दांव भी इसे माना जा रहा है।

*जानिए कौन हैं उत्तराखंड के नए गवर्नर*

लेफ़्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह सेना से 2016 में सेवानिवृत्त हो गए थे।

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सेना में करीब 40 वर्ष की सेवा रही।

जनरल सिंह ने चार राष्ट्रपति पुरस्कार और दो चीफ आफ आर्मी स्टाफ कमंडेशन अवार्ड भी प्राप्त किए।

जनरल सिंह डिप्टी चीफ आफ आर्मी स्टाफ भी रहे।

जनरल सिंह सेना एडजुटेंट जनरल और 15 कार्प्‍स के कमांडर भी रहे।

जनरल सिंह चीन मामलों से जुड़े मिलिट्री आपरेशन के निदेशक भी रहे हैं।

नेशनल डिफेंस कालेज और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ से स्नातक रहे जनरल सिंह ने सैनिक स्कूल कपूरथला, पंजाब से स्कूलिंग की।

जनरल सिंह जाने-माने रक्षा विशेषज्ञ हैं और उन्होंने चेन्नई और इंदौर के विश्वविद्यालयों से दो एमफिल डिग्री ली हैं। जनरल सिंह चेन्नई विश्वविद्यालय से ‘स्मार्ट पावर फार नेशनल सिक्योरिटी डायनेमिक्स’ विषय पर पीएचडी भी कर रहे हैं।

चीन मामलों के रक्षा एक्सपर्ट

जनरल गुरमीत सिंह सात बार चीन का दौरा कर कूटनीतिक व बॉर्डर या वास्तविक नियंत्रण रखा संबंधी बैठकों में शिरकत कर चुके हैं। जनरल सिंह सेना में रहने के दौरान, एक दशक से अधिक समय तक कई विशेषज्ञ समूहों, संयुक्त कार्य समूहों, वार्षिक संवादों और चीन अध्ययन समूह की बैठकों का हिस्सा रहे।

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