
पिथौरागढ़: उत्तराखंड में पिथौरागढ़ के देवलथल क्षेत्र के हराली गांव में आदमखोर तेंदुए ने घास काटने गई एक और महिला को हमला कर उसे मार डाला। इस घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत फ़ैल गई। तेंदुए के हमले में मौत का यह तीसरा मामला है। इससे पहले तेंदुआ मोड़ी और रिण में दो महिलाओं का शिकार कर चुका है। इन घटनाओं के बाद से लोगों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।
जानकारी के अनुसार, आंबेडकर गांव हराली के तोक आगर निवासी शंकर राम की पत्नी खीमा देवी (40) सोमवार को अन्य महिलाओं के साथ पास के जंगल में घास काटने गई थी। इस दौरान घात लगाए तेंदुए ने खीमा पर अचानक हमला कर उसका गला दबोच लिया। साथी महिलाओं के शोर मचाने के बाद भी आदमखोर ने खीमा को नहीं छोड़ा। कुछ देर बाद तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल की ओर चला गया। महिलाएं मौके पर पहुंचीं तो खीमा की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण, वन विभाग, पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। जिसके बस शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। महिला पर हमला करने से पहले तेंदुए ने पास में ही घास चर रही एक बकरी को भी मारा।
वहीं इस घटना में मारी गई खीमा देवी की मौत के बाद उसके चार बच्चे अनाथ हो गए हैं। पति 12 साल से लापता बताया जा रहा है। खीमा देवी बकरी पालकर और घास बेचकर बच्चे पालती थी। अब उसकी मौत से बच्चों का एकमात्र सहारा भी छिन गया है। ग्राम प्रधान दिनेश चंद्र ने बताया कि खीमा की बड़ी बेटी डिग्री कॉलेज में पढ़ती है जबकि एक इंटर में है। दो छोटे बेटे हैं। मां की मौत से परिवार का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिलाने की मांग की है।





