
राजधानी देहरादून मे पुल से नवजात को फेंकने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि डोईवाला सरकारी हॉस्पिटल के महिला टॉयलेट से एक नवजात शिशु का शव मिलने से इलाके के लोग सकते में हैं। ख़बर है कि
सुबह 8:30 बजे विक्रम में बैठकर दो महिलाएं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र,डोईवाला के महिला शौचलय में पहुँचती है जहां वो लगभग 18 मिनट तक अंदर रहती हैं। बाद में ये महिलाएं उसी विक्रम में बैठकर वापिस चली जाती हैं।
ओर जब दोपहर लगभग 12:45 बजे पानी से अटे हुए टॉयलेट की सफाई जब की जाती है तो टॉयलेट की सीट में कपडे में छुपाकर रखा नवजात शिशु का शव बरामद होता है जिसकी नाल भी उसके शरीर से ही जुडी हुई थी। बहराल ये साफ़ नहीं हो पाया है कि शिशु को जन्म यहीं टॉयलेट में दिया गया या बाहर से लाकर यहां छुपा दिया गया है।
जानकारी अनुसार सीसीटीवी फुटेज से पता चल रहा है कि दो महिलाएं जिस विक्रम से आयी थी उसी विक्रम से वापस भी चली गई । जानकारी अनुसार शव नर शिशु का है इसलिए यहां कन्या भ्रूण हत्या का मामला नहीं लग रहा है पर कयास अब ये लगाए जा रहे है कि पुलिस जाँच को गुमराह करने के लिए महिलाओं ने जान बूझकर हॉस्पिटल के महिला शौचालय को चुना ताकि पुलिस का शक हॉस्पिटल के भीतर डिलीवरी पर जाये। इसके साथ ही एक संभावना यह भी जतायी जा रही है की प्रेम-प्रसंग के चलते अनचाहे गर्भ से उत्पन्न संतान को जन्मते ही मार दिया गया हो।
बहरहाल पुलिस अपनी तफ्तीश में जुट गयी है और नवजात के शव को हिमालयन हॉस्पिटल के मोर्चरी में रख दिया गया है।
बात जो भी हो पर नवजात की जान जिस तरह से अब देहरादून में ली जा रही है उसे देख कर यही लग रहा है कि उन लोगो को ना भगवान से डर लगता है ना ही उन्हें कानून का खोफ है ।




