
देवभूमि उत्तराखंड की पाँचो लोकसभा सीट पर एक बार फिर कमल का फूल खिला है और
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के कुशल नेतृत्व मैं भाजपा के पाँचो उम्मीदवार एक बार फिर उत्तराखंड से सांसद बनकर संसद पहुँचे है।

सबसे पहले बात नैनीताल लोकसभा सीट की जहां से भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट ने रिकार्ड तोड़ जीत दर्ज कर एक नया इतिहास बना डाला है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को यहां से चुनाव हराया।
इसके साथ ही टिहरी लोकसभा सीट से माला राज्य लक्ष्मी शाह पर जनता ने फिर से विस्वास जता कर उन्हें दोबारा सांसद बनाकर संसद भेज दिया है।माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को यहा से चुनाव हराया।

हरिद्वार लोकसभा सीट से भी जनता ने दोबारा रमेश पोखरियाल निशंक को दोबारा अपना सांसद बनाया है ।यहां से कांग्रेस के अम्बरीष कुमार चुनाव हारे है।

पौड़ी लोकसभा सीट से जनता ने भाजपा के तीरथ सिंह रावत को पहली बार जीतकर अपना सांसद बनाया है और यहा से काँग्रेस के मनीष खंडूड़ी चुनाव हारे है।
अल्मोड़ा लोकसभा सीट से भाजपा के अजय टमटा फिर संसद पहुँच गये है। जबकि कांग्रेस के प्रदीप टमटा चुनाव हार गए है।

आपको बता दे कि प्रचंड वोटो से जीत कर उत्तराखंड मै भाजपा के सांसद संसद तक पहुचे है।
वैसे तो पूरे देश मै ही पीएम मोदी की लहर थी ।ओर अब देश के परिणाम आपके सामने है ही।
मोदी फिर पीएम बनने जा रहे है।
उत्तराखंड मैं पीएम मोदी की विशेष किर्पा भी रही है तभी तो इस बार भी पाँचो सीट देवभूमि ने पीएम मोदी को उपहार के तौर पर दी।
ओर इस भूमिका मै मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत का अहम रोल रहा है क्योंकी उत्तराखंड मैं पूरे पिछले दो सालों से पूरी तरह से जीरो टालरेश की नीति से सरकार चलाना, कठोर ओर बढ़े फैसला लेना, भ्रस्टाचार को खत्म करना , जो कर सकते है उसी की घोषणा करना, बेवजह के वादे ओर दावे ना करना।, माफिया तंत्र का पूरी तरह से सफाया करना, पिछले दो सालों में उत्तराखंड को एक नई पहचान दिलाने के लिए दिन रात काम करना, किसी के भी दबाव मै ना आना, अपने खिलाफ हो रहे षड़यंत्र को देख कर समझ कर भी चुपचाप अपना जीरो टालरेश की नीति से काम करना।
अपनी सरकार के मंत्री हो या विधायक जो सही और निर्णायक काम उत्तराखंड के विकास के लिए कहे वो करना और जो जनहित मे ना हो उस काम को साफ मना कर देना।
राज्य के पहाड़ो मै उधोग लगाने के लिए निवेशकों को उत्तराखंड खीच कर लाने के लिए बीते साल मै खूब दिल्ली , मुंबई, से भी बाहर जाकर अपना पसीना बहाना।
इन सब बातों को भी जनता ने इस चुनाव मै समझा ।जब देश मैं नरेन्द्र मोदी और उत्तराखंड में त्रिवेन्द्र रावत जीरो टालरेंस लेकर चल रहे हो तो भला मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत की उत्तराखंड मैं लोकसभा चुनाव के दौरान की गई पाँचो लोकसभा सीट पर 200 से अधिक जनसभाओं मै कही गई बात पर जनता क्यो ना जीत की मोहर लगाती । प्रदेश के अंदर उत्तराखंड की जनता ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के द्वारा किये जा रहे विकास कार्य और देश मै पीएम मोदी के कामो पर मुहर लगा कर पाँचो सीट पर कमल खिलाया है अब आने वाले पूरे पाँचो सालो तक पाँचो सांसदों के आगे चुनोती होगी कि वे उत्तराखंड की जनता के अरमानों पर खरा उतरे।
ताकि फिर 2022 मे त्रिवेन्द्र ओर पीएम मोदी उत्तराखंड की जनता को बता सके कि हम आपके विस्वास पर कितने सफल हुए है ।
बहराल उत्तराखंड के पाँचो सांसदों को बोलता उत्तराखंड की तरफ से बहुत बहुत सुभकामनाये ।
ओर जिनको चुनाव मै हार मिली है उनको भी बोलता उत्तराखंड कहता है कि जीत ओर हार लगी रहती है।लिहाज़ा आप अगले पूरे पाँच साल उत्तराखंड के सांसदों पर नज़र रखना की वे अपने क्षेत्र की जनता के लिये क्या कर रहे है और क्या नही।
ये जीत ओर हार लगी रहती है ।जो हार गए उन्होंने चुनाव हारा है ज़िंदगी नही।
ओर जो जीत कर संसद तक पहुचे है वे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना।






