जांबाज पहाड़ पुत्र जनरल को नमन : लैंडिंग से सात मिनट पहले ही टूटा हेलिकॉप्टर से संपर्क और फिर खबर आई… सब खत्म

जांबाज पहाड़ पुत्र जनरल को नमन : लैंडिंग से सात मिनट पहले ही टूटा हेलिकॉप्टर से संपर्क और फिर खबर आई… सब खत्म

नई दिल्ली में बृहस्पतिवार को सीडीएस बिपिन रावत के पार्थिव अवशेष को उनकी बेटियों ने नमन किया। वहीं दूसरी ओर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में हादसे की पूरी जानकारी दी। हालांकि संपर्क टूटने के बाद क्या हुआ, इसका राज ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग ही खोल सकती है
वही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे की पूरी जानकारी बृहस्पतिवार को संसद के दोनों सदनों में दी। उन्होंने बताया, वायुसेना के एमआई17वी5 हेलिकॉप्टर से सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने टीम के साथ सुबह 11:48 बजे सुलूर एयरस्टेशन से उड़ान भरी थी। हेलिकॉप्टर में उनकी पत्नी मधुलिका रावत समेत कुल 14 लोग सवार थे। वेलिंग्टन में 12:15 बजे लैंडिंग से 7 मिनट पहले 12:08 बजे सुलूर एयर ट्रैफिक कंट्रोल का संपर्क हेलिकॉप्टर से टूट गया और कुछ देर बाद हादसे की खबर आई।
उन्होंने संसद में बताया कि स्थानीय लोगों ने कुन्नूर के जंगलों से धुआं उठता देखा। करीब पहुंचे तो हेलिकॉप्टर का जलता मलबा मिला। स्थानीय प्रशासन की राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जीवित बचे लोगों को मलबे से निकालने लगी। जो भी जीवित निकले, उन्हें तत्काल वेलिंग्टन सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ देर बाद खबर आई कि हेलिकॉप्टर में सवार 14 में से 13 लोगों की जान नहीं बची। मृतकों में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य सैन्य अधिकारी व जवान थे। 
इकलौते बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह फिलहाल वेलिंग्टन के सैन्य अस्पताल में लाइफ सपोर्ट पर हैं। उनकी जान बचाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। मरने वालों में सीडीएस के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखबीर सिंह लिद्दड़, स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान (पायलट), स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अफसर राणा प्रताप दास, जूनियर वारंट अफसर अरक्कल प्रदीप, हवलदार सतपाल राय, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांसनायक विवेक कुमार, लांसनायक बी साई तेजा शामिल हैं। राजनाथ ने कहा, सदन की ओर से सभी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और इनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

सैन्य सम्मान के साथ आज दिल्ली कैंट में होगा रावत का अंतिम संस्कार

राजनाथ ने सदन को बताया कि सैन्य सम्मान के साथ सीडीएस रावत का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दिल्ली कैंट में होगा। सभी के पार्थिव शरीर वायुसेना के विमान से बृहस्पतिवार शाम तक दिल्ली पहुंचे। आज सुबह 11 से 1 बजे तक रावत का पार्थिव शरीर उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

 

देश ने बहादुर सैनिक, सफल रणनीतिकार खो दिया : बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को सदन में शोक जताते हुए कहा, जनरल बिपिन रावत के रूप में देश ने एक बहादुर सैनिक, कुशल रणनीतिकार और सेना का योग्य नेतृत्व करने वाला खो दिया। इसके बाद सदस्यों ने कुछ पलों का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने भी पूरे सदन की ओर से जनरल रावत को श्रद्धांजलि दी।

वायुसेना प्रमुख ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
रक्षामंत्री ने बताया, वायुसेना प्रमुख ने घटनास्थल का जायजा लिया है। वह वेलिंग्टन सैन्य अस्पताल भी पहुंचे। उस वक्त वहां ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का इलाज चल रहा था।

बेशकीमती साथी : अमेरिका
भारत के सीडीएस, उनकी पत्नी व सहकर्मियों के त्रासद हादसे में निधन पर मेरी गहरी सांत्वना। हम जनरल रावत को ऐसे असाधारण नेतृत्वकर्ता के रूप में याद रखेंगे जिन्होंने अपने देश की सेवा की और भारत-अमेरिकी रक्षा सहयोग मजबूत बनाने में योगदान दिए। -एंटनी ब्लिंकन, विदेश मंत्री

अमेरिका के मित्र
जनरल रावत ने भारत-अमेरिकी रक्षा सहयोग पर अमिट छाप छोड़ी। मेरा सौभाग्य था कि इस वर्ष उनसे मिला। मैं उनमें अमेरिका का दोस्त और बेशकीमती साथी देखता था। -लॉयड ऑस्टिन, रक्षामंत्री

उनसे दोस्ती मेरा सम्मान
मेरे लिए सम्मान की बात थी कि मैं जनरल को तब से दोस्त के तौर पर जानता था जब हम सेना अध्यक्ष थे। मैं उन्हें हमेशा याद रखूंगा। -जनरल माइले, अध्यक्ष, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ

दलाईलामा ने जताया शोक
सीडीएस बिपिन रावत और हादसे में जान गंवाने वाले सभी सैन्य अधिकारियों के निधन पर शोकाकुल हूं।  मैं भगवान से उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करता हूं। -दलाईलामा, शीर्ष तिब्बती धर्मगुरु

विपक्ष ने स्थगित किया धरना
लोकसभा में जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि देते सांसद। राज्यसभा में भी विपक्ष ने जनरल रावत के सम्मान में निलंबित सांसदों का धरना बृहस्पतिवार को एक दिन के लिए स्थगित कर दिया। निलंबित सांसद 8 दिन से गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठे थे।

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