
उत्तराखंड में अब 50 के बजाए 75 फीसदी यात्री क्षमता के साथ सार्वजनिक वाहनों का संचालन हो सकेगा। सोमवार को परिवहन सचिव डॉ.रंजीत सिन्हा ने नई मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी कर दी।
एसओपी के अनुसार राज्य की भीतर एवं अन्तर्राज्यीय मार्गों पर वाहन की पंजीयन पुस्तिका में निर्धारित सीटिंग क्षमता के 75 प्रतिशत के आधार पर संचालन की अनुमति होगी। यात्रियों से राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) द्वारा निर्धारित दर पर ही किराये की वसूली की जाएगी।वहीं, निजी वाहनों को नियम व प्रोटोकॉल के तहत 50 प्रतिशत की सीमा के तहत ही वैध आईडी और आकस्मिक कारणों के लिए अनुमति दी जाएगी। ऑटो और टैक्सी को केवल आपातकालीन उद्देश्य हेतु यात्रा की अनुमति है।
अंतर्राज्यीय एवं अंतरसंभागीय यात्रा करने की स्थिति में संबंधित वाहन चालक, परिचालक एवं यात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी वेबसाइट http://smartcitydehradun.uk.gov.in/pravasi-registration पर पंजीकरण कराना होगा। इसके अलावा पूर्व में जारी एसओपी के सभी दिशा-निर्देश मान्य होंगे।
शासन ने व्यापारियों के दबाव में किया एसओपी में संशोधन
शासन ने रविवार को 15 जून तक बढ़ाए गए कोविड कर्फ्यू की जो एसओपी जारी की थी, उससे प्रदेश का व्यापारी वर्ग खफा था। सोमवार को प्रदेश उद्योग व्यापार समिति का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल के नेतृत्व में शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल से मिला और उनसे कुछ और दुकानों को खोलने की मांग की।
इसमें विनोद गोयल, विवेक गोयल, अनुराग अग्रवाल, राजेंद्र प्रसाद गोयल आदि शामिल थे। उनका कहना था कि संक्रमण की दर कम हो जाने के बाद अब दुकानों को खोलने की अनुमति होनी चाहिए। उनियाल के आश्वासन के बाद सोमवार को एसओपी में संशोधन का आदेश जारी कर दिया।






