हरीश रावत का इशारा किस तरफ: बोले एकाध को दण्ड मिल चुका है, एकाध-दो फायरिंग लाईन में हैं, आप देखते रहिये।

  1. पहले हरीश रावत  बोले घर मेरा लूटा गया और मुकदमा भी मुझ पर ही ओर फिर बहुत कुछ …..

 

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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत आजकल उत्तराखंड मैं है और आये दिन किसी ना किसी कार्यक्रम मे शिरकत कर
मीडिया की सुर्खियां बने हुए है आज तो उन्होंने अपने समर्थकों के साथ हरकी पैड़ी स्थित रविदास मंदिर के सामने सांकेतिक उपवास भी किया।
ओर मंदिर दोबारा बनाने की मांग उठाई तो ऐसा न होने पर दिल्ली के हर मंदिरों में कीर्तन भजन करने की बात कही।पूर्व मुख्यमंत्री  हरीश रावत बोल थे थे कि क अगर सरकार चाहती तो मंदिर को कहीं और शिफ्ट कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ओर अब धरने प्रदर्शन जारी रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत लगातार भाजपा पर जमकर निशाना साधा रहे थे।


वही अपने c .b.I केस प्रकरण पर उन्होंने कहा कि वह जांच में हर तरह से सीबीआई का सहयोग करेंगे।
तो सीबीआई जांच पर वह बोले कि घर मेरा लूटा गया और मुकदमा भी मुझ पर ही अब करा रहे हैं। ओर अपने अंदाज मैं तंज कस डाला कि मोदी है तो मुमकिन है।
हरीश रावत ने हरकी पौड़ी स्थित संत रविदास मंदिर के उद्धार के लिए अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में बनाई गई कार्य योजना को लागू करने की मांग  की। वे बोले कि हरकी पौड़ी पर स्थित रविदास मंदिर के ऊपर से लोग जूते लेकर गुजरते हैं। उनकी सरकार ने निर्णय लिया था कि मंदिर के ऊपर की सीढ़ियां हटाकर पुल को चौड़ा किया जाए और गुंबद नुमा स्वरूप दिया जाए। भाजपा सरकार ने इस योजना पर कार्य नहीं किया। आज  हरीश रावत के सांकेतिक उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेसी और संत रविदास के अनुयायी शामिल हुए थे और बहुत से काग्रेसी देहरादून से पहुचे थे। तो हरिद्वार मेयर सहित हरिद्वार कांग्रेस के लोग नदारद थे।

वही हरीश रावत
अपने फेसबुक पेज पर आज लिखते है कि
कुछ लोग मुझे सार्वजनिक जीवन की सुचिता का उपदेश दे रहे हैं। मैं, उन्हें कैसे बताऊं कि, NHRM का घोटाला कितना गम्भीर प्रसंग है, इस राज्य में। स्टूरजियां और बीज घोटाले भी हैं, आयोगों की रिपोर्टें भी हैं, शायद उन लोगों का व्यक्तिगत अनुभव है और मैं उनको बधाई देता हॅॅूॅ, यदि वो लोग स्टिंगबाजों को अपने साथ नहीं रख पाये, इसीलिये मुझ जैसी त्रासदी नहीं भुगत रहे हैं, मगर हर कोई इतना सयाना नहीं है। कुछ लोग घोटालेबाजों के चक्कर में फंसे पड़े हैं, मैं तो कांग्रेस के मित्रों को सलाह दे रहा हॅू कि, उन्हें कोर्ट में आने या मेरे मामले को लेकर के कोई प्रदर्शन, राजनैतिक दबाव डालने की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस केवल इतना करे कि, जो साफ-2 भ्रस्टाचार के साईन बोर्ड के रूप में दिखाई दे रहे हों, जिन पर कुछ स्टिंग भी हैं, उनको जरा सा मेरे साथ किये गये स्टिंग और उन स्टिंगों को तुलनात्मक रूप में जनता जनार्दन के बीच में ले जायें, 2022 का रास्ता सरल हो जायेगा और मेरे स्टिंग की कानूनी प्रकिया को चलने दीजिये, अभी देखये ईश्वरीय न्याय बड़ा है, एकाध को दण्ड मिल चुका है, एकाध-दो फायरिंग लाईन में हैं, आप देखते रहिये।

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