
आपको बता दे कि आखिरकार तीन दिन बाद पुलिस ने देहरादून के सहस्रधारा में हुए समरजहां उर्फ रिहाना हत्याकांड का खुलासा कर दिया। देहरादून की एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।
बता दे कि देहरादून के सहस्त्रधारा रोड पर विगत सात मई को देर रात समरजहां की हत्या हुई थी। सहस्त्रधारा रोड पर कार सवार बदमाश ने मुजफ्फरनगर के न्याजूपुरा निवासी समरजहां उर्फ रिहाना की तीन गोली मारकर हत्या कर दी थी। समरजहां मुजफ्फरनगर के दवा कारोबारी राकेश कुमार गुप्ता के साथ दून में लिव इन रिलेशन में रहती थी।

बता दे कि गुप्ता अब सहस्त्रधारा रोड स्थित अपने फैमिली रेस्टोरेंट के बराबर में समरजहां के लिए बुटीक सेंटर बनवा रहे थे। ओर रेस्टोरेंट चलाने वाले गुप्ता के बेटे कार्तिक ने समरजहां की हत्या में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था

देहरादून एसएसपी ने मीडिया को बताया कि मामले मे पुलिस ने अभी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमे राकेश गुप्ता, सीमा सिंघल, कार्तिक और मोमिन को गिरफ्तार किया गया है। ये बात भी सामने आई है कि 2 लाख रुपए की सुपारी देकर समरजहां की हत्या करवाई गई थी। जानकारी है कि अवैध संबंधों के चलते समरजहां की हत्या हुई। ओर राकेश गुप्ता के बेटे कार्तिक गुप्ता ने मुजफ्फरनगर के शूटरों से समरजहां की हत्या कराई थी। ओर कार्तिक और उसकी मां सीमा ने मिल कर हत्या की साजिश रची थी। बता दे कि पुलिस ने घटना वाली रात से ही हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए गुप्ता परिवार पर पूरा फोकस कर दिया था। तब पुलिस को यह जानकारी हो गई थी कि समरजहां से रिश्ते को लेकर गुप्ता परिवार में काफी समय से कड़वाहट चल रही थी। पुलिस को उम्मीद थी कि हत्या के तार इस परिवार से भी जुड़े हो सकते हैं। बता दे कि जब प्राथमिक जांच में सच बाहर नहीं आया तो पुलिस ने समरजहां के एक अन्य करीबी की तरफ जांच की दिशा घुमा दी। तीसरे दौर की बातचीत में गुप्ता परिवार के एक शख्स के बयानों में विरोधाभास आया तो पुलिस ने नए सिरे से फिर शिकंजा कस दिया।
बता दे कि वारदात का शिकार महिला पहले पति को तलाक देकर मुजफ्फरनगर के एक दवा कारोबारी राकेश गुप्ता के साथ लिव इन रिलेशन में रह रही थी। कारोबारी 15 दिन पहले ही उसे यहां लेकर आया था। समरजहां खुद भी तलाकशुदा थी।
राकेस गुप्ता का बेटा कार्तिक सहस्त्रधारा रोड पर पैसेफिक गोल के पास माउंट ग्रिल के नाम से फैमिली रेस्टोरेंट चलाता था। समरजहां गुप्ता के बेटे के साथ रेस्टोरेंट की देख-रेख करती थी। गुप्ता अब रेस्टोरेंट के बराबर में ही समरजहां के लिए बुटीक सेंटर खुलवा रहा था। जब समरजहां की हत्या तब वह बुटीक की दुकान के काम को देखने के बाद स्कूटी से घर लौट रही थी।
बहराल इस खुलासे के बाद देहरादून की जनता यही सोच रही है कि ना वो महिला रही जिसकी वजह गुप्ता परिवार मे अनबन थी और अब ना गुप्ता के वो परिवार के लोग जिन्होंने महिला की सुपारी देकर हत्या करवा दी वो घर मे सकुुुन से रहेंगे क्योकि अभी जेल की सलाखों मै काटेंगे वो अपनी ज़िंदगी।मतलब ये कि गुप्ता परिवार के घर मैं जिस महिला को लेकर अनबन थी।अब उसी महिला की हत्या के सुपारी देने के आरोप मै गुप्ता का परिवार अब जेल पहुँच गया ।




