डबल इंजन की सरकार की उत्तराखंड को एक और सौगात, केंद्र ने उत्तराखंड के हवाले की एचएमटी की 45.33 एकड़ जमीन.. (डबल इंजन मतलब विकास की रफ्तार)


डबल इंजन की सरकार की उत्तराखंड को एक और सौगात, केंद्र ने उत्तराखंड के हवाले की एचएमटी की 45.33 एकड़ जमीन.. (डबल इंजन मतलब विकास की रफ्तार)


डबल इंजन की सरकार की एक और सौगात, केंद्र ने उत्तराखंड के हवाले की एचएमटी की 45.33 एकड़ जमीन

उत्तराखंड को डबल इंजन सरकार की एक और सौगात मिली है। केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय ने नैनीताल के हल्द्वानी में स्थित एचएमटी की बहुप्रतिक्षित 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखंड सरकार को हस्तांतरित कर दी है। मंत्रालय ने भूमि हस्तांतरण के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य सरकार कई वर्षों से भूमि प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध कर रही थी। इस भूमि पर मिनी सिडकुल का निर्माण करने की योजना है।

आदेश के अनुसार रानीबाग और हल्द्वानी स्थित एचएमटी की 45.33 एकड़ भूमि उत्तराखंड सरकार को 72 करोड़ दो लाख 10 हजार रुपये की रिजर्व प्राइज पर हस्तांतरित की गई है। बाजार दर पर भूमि की बहुत अधिक लागत है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्र नाथ पांडेय का आभार व्यक्त किया है।

पीएम मोदी से किया था अनुरोध
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भूमि हस्तांतरित करने का अनुरोध किया था। साथ ही अगस्त में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेन्द्रनाथ पांडेय के साथ बैठक में भी यह मुद्दा उठाया था।

सेवा व पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्योग लगेंगे

एचएमटी की भूमि पर राज्य सरकार मिनी सिडकुल का निर्माण कर सकती है। राज्य में बड़ी संख्या में उद्यमी निवेश करने के इच्छुक हैं। लेकिन सरकार के सामने उद्योगों के लिए भूमि की व्यवस्था करना बहुत बड़ी चुनौती है। एचएमटी की भूमि मिलने के बाद अब सरकार को राहत मिली है। अब वह सेवा और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों को उद्योग लगाने के लिए प्रेरित कर सकती है। सरकार को लैंड बैंक के लिए भूमि मिल गई है।

यहां भी डालें नजर
– 45.33 एकड़ भूमि मिली उत्तराखंड सरकार
– 72.02 करोड़ रुपये रिजर्व प्राइज पर मिली भूमि

वहीं मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि
मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री महेंद्रनाथ पांडेय का आभार व्यक्त करता हूं। मैंने उनसे राज्य सरकार को भूमि हस्तांतरित करने का अनुरोध किया था। इस भूमि का प्रदेश हित में विकास के लिए उपयोग किया जाएगा।

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