मगर जो लोग आ गये हैं विभाग के और वर्षों से काम कर रहे हैं आखिर उनके भविष्य के लिए भी तो कोई रास्ता निकालना पड़ेगा तो इसलिए दो ही रास्ते सरकार के सामने हैं, या तो कुछ प्रतिशत पद वरिष्ठता के हिसाब से यहां से उनको विनियमितीकरण करें या जो है वेटेज दें, ताकि वो भी कंपटीशन में बैठ सकें और उस वेटेज के लाभ से कुछ लोग जिनमें क्षमता होगीतो वो विनियमित हो जाएंगे। अब रास्ता सरकार को निकालना है, मेरा मौन उपवास इस बात को लेकर के है कि आप बात न करिये, दरवाजे बंद कर दीजिये, यह उचित नहीं है।

सरकार को बात करनी चाहिए और हमारी सरकार ने कभी भी किसी के लिए वार्ता के दरवाजे बंद नहीं किये और बेरोजगार नौजवान साथियों को मैं भरोसा दिलाना चाहता हूंँ कि कांग्रेस की सरकार आएगी तो हम 1 साल के अंदर सभी रिक्त पड़े हुए पदों पर विज्ञप्तियां निकालेंगे और हर वर्ष 10 प्रतिशत हम नये अवसर बढ़ाएंगे ताकि जो हमारे शिक्षित पढ़े लिखे नौजवान हैं उनको रोजगार के अवसर मिल सकें। आपको याद होगा कि हमने पब्लिक सर्विस कमीशन से लेकर के सभी जगह भर्तियां प्रारंभ की, पटवारी की राज्य में भर्तियां 2002-03 में हुई थी, उसके बाद भर्तियां नहीं हुई थी।

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हमने उनकी भर्तियां की, हमने उसी प्रकार से कई और विभागों में भी जिनमें वर्षों से भर्तियां नहीं हुई थी वहां भर्तियां प्रारंभ की, हमने पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से भी परीक्षाएं करवाई और जब से हमने परीक्षाएं करवाई उसके बाद अभी तक पब्लिक सर्विस कमिशन के माध्यम से कोई परीक्षा नहीं हुई हैं, आज 5 साल बीत गये हैं तो इसलिए मैं यह नहीं कहता कि हमारा रिकॉर्ड शत प्रतिशत बेहतर/अच्छा है। लेकिन इतना मैं अवश्य कहना चाहता हूंँ कि तुलनात्मक रूप से देख लीजिए तो सर्वाधिक सरकारी सेवाओं में भर्तियां मेरे ही कार्यकाल में हुई हैं बल्कि जो किसी भी अन्य सरकार के 5 साल के रिकॉर्ड से दुगनी से भी अधिक हैं।

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