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देहरादून– राज्य के 22000 से अधिक उपनल कार्मिकों को नेतृत्व कर रहे उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों द्वारा शुक्रवार को सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उनके सरकारी आवास में मुलाकात कर उपनल कार्मिकों को 56 दिनों के वेतन जारी करने संबंधी बहुप्रतिक्षित आदेश जारी करवाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर हेमंत रावत, विनोद गोदियाल एवं विनय प्रसाद उपस्थित रहे।

उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकरियों द्वारा कहा गया कि गणेश जोशी जिस दिन से सैनिक कल्याण महकमे के मंत्री बने, उसी दिन से राज्य के 22000 से अधिक उपनल कार्मिकों को उनसे बहुत उम्मीदें रही हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि मंत्री जी द्वारा बार-बार हमारी उम्मीदों के अनुसार उपनल कार्मिकों के हितों की रक्षा के लिए निर्णय लिए। मंत्रालय संभालते ही मंत्री जी द्वारा हड़ताल पर गए उपनल कार्मिकों को सेवा से हटाए जाने संबंधी आदेश को बैठक के आधे घंटे के अंदर ही पलट दिया तथा उपनल कार्मिकों के रोजगार की रक्षा की।

लम्बे समय से सरकार और प्रशासन की उपेक्षा झेल रहे उपनल कार्मिकों के आंदोलन को एक गार्जियन की तरह भरोसा देकर स्थगित करवाया। उसके उपरांत आज 56 दिनों के आंदोलन काल का वेतन जारी करवाने संबंधी आदेश जारी करवा कर एक बार पुनः राज्य के युवाओं के साथ अपनी पक्षधरता स्थापित की है। हम सभी उपनल कार्मिकों की ओर से मंत्री जी का कोटिशः धन्यवाद ज्ञापित करते हैं।
काबिना मंत्री ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने उपनल कार्मिकों की समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से आदेश जारी करवा दिया। मुख्यमंत्री पहले दिन से ही उपनल कार्मिकों की जायज मांगों के प्रति संवेदनशील हैं। हमारी सरकार का स्पष्ट मानना है कि उपनल कर्मचारी हमारे ही बच्चे हैं। मुख्यमंत्री लगातार मुझसे उपनल कर्मचारियों के बारे में चर्चा करते रहे हैं, फिर चाहे उपनल कार्मिकों की हड़ताल समाप्त करवाने की बात हो या फिर वर्तमान कोरोना महामारी के समय की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए हड़ताल के दिनों का वेतन जारी करने संबंधी आदेश की बात हो। परंतु हमारे कांग्रेसी मित्रों को सिर्फ ओछी राजनीति करनी आती है।

सुर्खियां बटोरने की संर्कीण सोच के साथ आज वरिष्ठ कांगे्रसी नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत मौन उपवास पर बैठने का स्वांग कर रहे हैं। हास्यास्प्रद यह है, कि ऐसा तब हो रहा है जब विभागीय मंत्री के तौर पर मैंने और मुख्यमंत्री महोदय ने अनुमोदन कर दिया, इस अनुमोदन पर आदेश जारी हो गया है उसके बाद वह धरने पर बैठ रहे हैं। मैं याद दिलाना चाहता हूं, महोदय जब आप मुख्यमंत्री थे उस समय मैं स्वयं आपके पास उपनल कार्मिकों की समस्याएं लेकर आया था। उस दिन आपने उपनल कार्मिकों के प्रकरण को निस्तारित क्यों नहीं किया, और आज यह स्वांग क्यों कर रहे हैं?

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