
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी सबसे पहले तो आपका धन्यवाद की आपने बोलता उत्तराखंड की ख़बर को देखा पड़ा और सज्ञान लेते हुए अपनी बात भी कही । बोलता उत्तराखंड की पूरी टीम के लिए खुशी की बात है कि आपने अभी हाल ही मे आरम्भ हुवा बोलता उत्तराखंड पोट्रल के लिखी हुई ख़बर को पढ़ा और हमको जवाब भी दिया । इसके लिए एक बार फिर आपका धन्यवाद ।

आप यू ही हमारा हौसला आगे भी बढ़ाते रहेंगे ये बोलता उत्तराखंड की पूरी टीम आप से उम्मीद करती है।
आप ने अपनी फेसबुक पेज पर लिखा है ।जो हम दर्शकों को भी पढ़ाते है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने अपनी फेसबुक पेज पर लिखा है कि
बोलता उत्तराखंड़ बिना तथ्यों के आधार पर बोलता!!
तथ्य ये है कि Anil Baluni जी भी अपनी सांसद निधि का उपयोग उत्तराखंड में ही कर रहे हैं, श्री Raj Babbar भी और श्री Pradeep Tamta भी अपनी सांसद निधि का उपयोग उत्तराखंड में ही कर रहे हैं। रहा सवाल इन्होंने क्या किया, इसका ब्यौरा लंबा है। और सबसे बड़ी बात तो यह है कि प्रदीप टम्टा जी ने सांसद के रूप में टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन को नेशनल प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकृत करवाया और आज उस प्रोजेक्ट को Bharatiya Janata Party (BJP) की सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। तो जरा ये भी तो पूछा जाए कि कोई भाजपा का नुमाइंदा बताये कि इसको ठंडे बस्ते में क्यों डाल दिया गया? आज उत्तराखंड को कोई आर्थिक पैकेज नहीं मिला है, इसके लिये जवाब कौन देगा, भाजपा की ओर से आखिर किसी को तो जवाब देना चाहिए, अनिल बलूनी जी जवाब दें! हां यदि उत्तराखंड की उपेक्षा के सवाल को पार्लियामेंट में प्रदीप टम्टा जी नहीं उठाते हैं, राज बब्बर जी नहीं उठाते हैं तो मुझसे सवाल पूछा जाना चाहिए । वो विपक्ष में हैं, विपक्ष का दायित्व है ‘टू अपोज द गवर्नमेंट’। तथ्यों के आधार पर सरकार का विरोध प्रदीप टम्टा और राज बब्बर प्रभावशाली तरीके से संसद में भी और संसद से बाहर भी सरकार का विरोध करते हैं, जनता के सवालों को उठाते हैं, जनता के संघर्ष को आगे बढ़ाते हैं। लोकतंत्र में सत्तारूढ़ दल का दायित्व है कि वो विकास को आगे बढ़ायें और विपक्ष का दायित्व है कि वो जनता के सवालों को उठाए। अब रहा सवाल मसूरी पेयजल योजना का, मसूरी पेयजल योजना का डीपीआर बनाकर के, उसको स्वीकृति प्रदान कर और पैसा देकर हमारी सरकार ने स्वीकृत किया है। और नैनीताल की पेयजल की समस्या के समाधान के लिये हमने कोसी को तीन जगह पर बांधने की योजना बनाई। एक जगह से अल्मोड़ा की आपूर्ति होगी और एक जगह से कोसी नदी के दोनों फाटों में पेयजल की जिसमें रामगढ़ और दूसरी तरफ हमारे कंडारसियों के इलाके हैं, उन इलाकों की पेयजल की आपूर्ति होगी और तीसरी जगह से रानीखेत और नैनीताल के पेयजल की आपूर्ति होगी। हम योजना बनाकर के गये, और ढाई साल से उस योजना पर काम नहीं हो रहा है, इसका भी तो जवाब किसी से पूछा जाना चाहिए, अनिल बलूनी जी से पूछा जाना चाहिए ये मेरा उत्तर नहीं है मगर मेरा ये प्रश्न जरूर है कि ये पेयजल योजनायें ढाई साल से क्यों ठंडे बस्ते में पड़ी हुई हैं, इस बात का जवाब BJP Uttarakhand के प्रतिनिधियों को देना चाहिए।।

ये सब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने इसलिए लिखा कि बोलता उत्तराखंड ने कहा था कि
बोलता है उत्तराखंड कहा है राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा?
कहा है राज्य सभा सांसद राजबब्बर ? क्या किया इन्होंने
अब तक उत्तराखंड के लिए ? राज्य सभा सांसद बनने के बाद? ये राजबब्बर ओर प्रदीप टम्टा हरीश रावत की सरकार के दौरान ही राज्य सभा सांसद बने थे।
क्या हरीश रावत जी से ये नही पूछा जाना चाहिए कि क्या किया इन दोनों राज्य सभा सांसदों ने अब तक या क्या प्रयास किया अब तक? सफल होना और ना होना अलग बात है पर किया क्या?

हरीश रावत जी बोलता है उत्तराखंड
यदि प्रदीप टम्टा जी और राजबब्बर ने राज्य के लिए राज्य सभा सांसद के तोर पर कुछ किया है अब तक तो ये बताए बोलता उत्तराखंड को?
ओर अगर कुछ ना कर पाये अब तक तो हरीश रावत जी आप राज्य का हित हर समय हर पल देखते है।इसलिए आप को फिर आज पहाड़ पुत्र राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी के प्रयास को देखते हुये अनिल बलूनी जी को धन्यवाद कहते हुए , अपने बनाये हुए राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ओर राजबब्बर को फटकार लगानी चाहिए। आगे आपकी मर्ज़ी पर कड़वा सच यही है कि इन दोनों राज्य सभा सांसदों का काम उत्तराखंड ने ना देखा ना सुना। ओर अगर कुछ किया है।या प्रयास किया है तो बोलता उत्तराखंड के साथ करे ये दोनों राज्य सभा संसद मुद्दे की बात ।की हमने ये किया।हम उसको भी डंके की चोट पर छापेंगे। जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी ने अपनी बात कही।

बोलता उत्तराखंड सिर्फ ये कहता है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी हमने राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी जी का ज़िक्र इसलिए किया क्योकि वो बतौर राज्य सभा सांसद जो भी करते आ रहै है। या उनके प्रयास है वो बोलता उत्तराखंड या अन्य मीडिया और सोशल मीडिया को नज़र आ जाता है। दिखता है। पिछले एक साल के दौरान उनकी सासद निधि सेे हो रहे काम हो या उनके लगातार सफल होते प्रयास या उनकी कोशिश
जो दिखाई देती है। वरना उत्तराखंड ने अब तक तो सिर्फ राज्य सभा सांसद को रा मेटीरियल ही माना था ! ये राज्य के नेता विजय बहुगुणा ने खुद कहा था। एक दौर के दौरान क्योकि राजनीतिक पार्टियों का हाईकमान तो जिसे भी राज्य सभा भेजता है वो उस व्यक्ति के लिए पार्टी , सरकार का तोफा होता है।अब कोई इसे भुना लेता है तो कोई सिर्फ मजे से पूरा समय कटाता दिखाई देता है।
खैर छोड़िये उत्तराखंड के लिए बतौर राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा जी और राजबब्बर जी क्या कर रहे है ,ना उनकी खुद की फेसबुक या सोशल मीडिया मैं दिखता ना हमको नज़र आता।
आप भी तो कुछ ना कुछ कहते रहते हो , लिखते रहते हो, अपनी फेसबुक पैज पर या ख़ुद मीडिया को समय समय पर मिलते रहते हो। तभी तो आपकी तरफ से हम अपडेट रहते है। जो कभी हमारे लिए खबर बनती है तो कभी महवपूर्ण जानकारी।
पर आज तक हमने राज्य सभा सांसद राजबब्बर जी की उत्तराखण्ड मैं एक भी पत्रकार वार्ता या एक भी विज्ञप्ति ना देखी ना किसी से सुनी।
कि हमने ये किया। वो किया उत्तराखंड के हित के लिये।
हमने उत्तराखंड का ये सवाल उठाया। हमने इतनी सांसद निधि खर्च की आदि आदि ।ठीक इसी प्रकार पर राजबब्बर से थोड़ा कम पर ये हाल भी राज्य सभा सांसद प्रदीप टमटा जी का है।
हा जब वो लोकसभास सांसद थे तब जरूर एक्टिव थे पर राज्य सभा सांसद के तोर पर अभी कुछ ख़ास दिखा नही।
खैर बोलता उत्तराखंड तो आपको धन्यवाद कहता है कि अपने सज्ञान लिया सर ख़बर का
अब इन दोनों राज्य सभा सांसदों के अब तक के पूरे काम काज। उत्तराखंड के लिहाज से सदन मैं सवाल, क्या पूछा ।
इनकी सदन मै हाज़री।
सांसद निधि कहा पर खर्च हुई ।
आदि आदि पर पूरे तथ्यों के साथ ही सर बोलता उत्तराखंड बोलता नज़र आएगा। अगली
रिपोर्ट मे ये तो सिर्फ आपको धन्यवाद बोलने के लिए बोलता उत्तराखंड की पूरी टीम ने लिखा है।
बाकी जो अपने सवाल भाजपा से या राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी जी से पूछे है तो उनका जवाब बोलता उत्तराखंड उनसे भी जरूर पूछेगा।
पर आज आपकी फेसबुक पेज पर मैने एक कमेंट पड़ा कि हर दा आप उत्तराखंड की शान हो पर बहुत बुरा लगता है जब आप ऐसी बात करते हो।
मे इसी लाइन को अपनी ख़बर की हेडिंग बना रहा हूँ क्योंकि बोलता है उत्तराखंड । उत्तराखंड के दिल की बात। 
ओर हा बोलता उत्तराखंड की पूरी टीम उत्तराखंड की जनता से भी निवेदन करती है कि आप भी हमको सुझाव दे कमेंट करे कि आपने अपने राज्य सभा सांसद प्रदीप टमटा जी और राजबब्बर के कोंन कोंन से काम काज को सुना और देखा ।ताकि आप से भी हम जानकारी जुटा सके।






