
आपको बता दें कि ख़बर ओली से है और इस ख़बर को पर्यटन विभाग से लेकर खेल विभाग के मंत्री जी से लेकर सभी अधिकारियों जरूर पढ़ें ! क्योंकि
विंटर डेस्टिनेशन औली में बर्फ से उत्तराखंड सरकार की कब्र बना दी गई है। जी हां विंटर डेस्टिनेशन औली की मेजबानी में होने वाले राष्ट्रीय शीतकालीन खेल के रद्द होने की खबर से औली में स्की प्रेमियों के अलावा एडवेंचर एसोसिएशन और होटल एसोसिएशन ने अनूठी तरह की नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसी के विरोध में ईको फ्रेंडली कब्र एवं ममी बनाते हुए अपना विरोध अपने अंदाज में दर्ज कर दिया है।
आपको बता दे की औली में हुए इस विरोध प्रदर्शन में एडवेंचर एसोसिएशन औली होटल एसोसिएशन औली के साथ स्कीएसोसिएसन औली एवं पर्यटन से जुड़े कारोबारियों ने प्रदेश सरकार पर्यटन विभाग सहित उत्तराखंड स्की फेडरेशन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
ख़बर है कि होटल एसोसिएशन औली के अध्यक्ष अंती प्रकाश शाह ने कहा की पर्याप्त बर्फबारी के बाद भी जिस तरह से औली में विंटर गेम्स कैंसिल कराए जा रहे हैं वह औली पर्यटन विभाग एवं प्रदेश सरकार की नाकामयाबी का सबूत है।मीडिया मे वहीं एडवेंचर एसोसिएशन जोशीमठ के सचिव संतोष कुमार ने कहा कि औली में विंटर गेम्स का ना होना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है।
विंटर गेम एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड पर्यटन विभाग के साथ प्रदेश सरकार का तालमेल सही नहीं होने के कारण भारतीय ओलंपिक संघ अभी तक औली में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन हेतु हामी नहीं भर पा रहा है।
तो वहीं अंतरराष्ट्रीय स्कीयर विवेक पंवार का कहना है कि प्रदेश की स्की संघ भारतीय ओलंपिक संघ के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रही है। मान्यता को लेकर अब तक पेंच फंसा हुआ है। जिसका खामियाजा हिम क्रीडा स्थली औली को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि इस बार औली में कोई एक अंतरराष्ट्रीय स्की प्रतियोगिता नहीं हुई तो इंटरनेशनल स्की फेडरेशन औली की खूबसूरत नंदा देवी स्लॉप की मान्यता रद्द भी कर सकता है। बहराल जिस तरह से वहां नाराज़गी जताई जा रही है उसे देखकर ये समझ नही आ रहा है कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ओर खेल मंत्री अविन्द पांडेय ओली को लेकर कितने गंभीर है खेर बात जो भी हो पर ऐसे मैं बदनामी तो जीरो टालरेश की सरकार की हुई ना जिसकी बर्फ से कब्र बनाकर नाराजगी जताई गई।इस पूरे मामले पर खेल मंत्री और पर्यटन मंत्री को सही और ठीक जानकारी सबके आगे रखनी चाइये ताकि पूरे मामले में जो भी बात हो वो सामने आ सके कि चूक कहा पर हो रही है। या जो आरोप लग रहे है उनमें कितनी सच्चाई है जैसे ही इस पूरे मामले में पर्यटन मंत्री या खेल मंत्री का कोई बयान आएगा तो उसे भी छापा जायेग इस पूरी ख़बर पर









