गढ़वाल से लेकर कुमाऊँ तक कि जनता परेशान कोई रास्ता निकालो सरकार !

आपको बता दे कि विभिन्न मांगों को लकर कुमाऊं मंडल में शुक्रवार से टैक्सी मैक्सी का चक्का जाम शुरु हो गया। हड़ताल के चलते 25 हजार से ज्यादा टैक्सियों के पहिये थम गए। इन वाहनों से रोजाना एक लाख से ज्यादा लोग सफर करते हैं। टैक्सियों के नहीं चलने से पर्वतीय जिलों में यातायात व्यवस्था ठप सी हो चुकी है।

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आपको बता दे की अपनी मांगों को लेकर टैक्सी मैक्सी महासंघ के आह्वान पर गढ़वाल में 27 सितंबर से टैक्सी चालक हड़ताल पर हैं। कुमाऊं में टैक्सी चालकों ने भी हड़ताल को समर्थन दिया है। महासंघ का कहना है कि डीजल-पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं लेकिन शासन और परिवहन विभाग किराया नहीं बढ़ा रहा है।
उल्टे वाहन स्वामियों से ग्रीन कार्ड के नाम पर वसूली हो रही है। ओवर लोडिंग में ड्राइवर का लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और मुकदमा होता है। एक गलती की तीन-तीन सजाएं देकर टैक्सी चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सड़क हादसा होने पर चालक, वाहन स्वामी दोनों पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। स्पीड गर्वनर के नाम पर भी चालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसके विरोध में कुमाऊं में टैक्सी मैक्सी की हड़ताल की जा रही है।  
वही गढ़वाल में भी 27 सितंबर से हड़ताल चल रही है। अब कुमाऊं में भी संघ हड़ताल करने जा रहा है। वाहन स्वामी और चालकों के उत्पीड़न के विरोध समेत कई मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है।
– ठाकुर सिंह बिष्ट, अध्यक्ष टैक्सी मैक्सी महासंघ कुमाऊं ने

एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
छड़ा-खैरना-गरमपानी टैक्सी यूनियन ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला ले लिया था । टैक्सी चालकों ने टैक्सी यूनियन अध्यक्ष के नेतृत्व में एसडीएम प्रमोद कुमार को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपने वालों में टैक्सी यूनियन अध्यक्ष प्रताप सिंह गौणी, सुंदर सिंह करायत, गोविंद सिंह, पंकज बिष्ट, बालम सिंह, भास्कर चंद्र, राजेंद्र सिंह मौजूद थे। बहराल इस हड़ताल से पहाड़ के लोगो को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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