
21 साल का उत्तराखंड और इस 21 साल के उत्तराखंड में दर्द के सिवा कुछ नहीं मिल पहाड़ की नारी को
पहाड़ को नारी आज भी दम तोड़ रही है
उत्तराखंड में महिलाओं के दम से बनती हैं सरकार क्योकि
महिलाओं की आधी आबादी ही तय करती है कि राज्य में किसकी बनेगी सरकार लेकिन आज 21 साल बाद भी वही महिला आज बदहाल है परेशान है
चाहे बात उनके लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओ की हो, चाहे बात आये दिन उन पर भालू , बाघ, गुलदार के अटेक की हो
या उनके मवेशियों को निवाला बनाये जाने की हो ओर जब खुद उनकी जान पर तक आ जाती है
ऐसी घटनाये लगातार होती रहती है
एक दर्दनाक दुःखद ख़बर आज बागेश्वर से आई है जहा घास काटने जंगल गई एक गर्भवती महिला की पहाड़ी से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई है।
बताया जा रहा है कि इसी साल अप्रैल माह में उसका विवाह हुआ था।
पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। ओर पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को शव सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना की सभी कोणों से जांच शुरू कर दी है।
बता दे की कपकोट पुलिस क्षेत्र के चुचेर गांव निवासी 22 साल की नीमा देवी पत्नी प्रकाश कोरंगा बीते मंगलवार को लगभग चार बजे घास काटने के लिए पास के जंगल में गई थी। वह देर रात तक घर नहीं लौटी। स्वजनों को चिंता सताने लगी। वह रातभर उसे खोजते रहे लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। सुबह लगभग सात बजे उसका शव 60 मीटर नीचे गहरी खाई में स्वजनों ने देखा। जिसकी तत्काल सूचना पुलिस को दी।
थानाध्यक्ष मदन लाल दलबल के साथ घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रथम दृश्टया महिला का पैर घास काटते समय फिसल गया और वह खाई में गिर गई। उन्होंने बताया कि वह गर्भवती है। उसका पति रुद्रपुर में नौकरी करता है। शव बरामद कर लिया गया है। महिला के मायके को भी सूचना दी गई है। उनके आने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम होगा। उन्होंने बताया कि घटना की सभी कोणों से जांच शुरू कर दी गई है।




