जरूरी वस्तुओं की खरीददारी में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होना चाहिए: मुख्यमन्त्री त्रिवेंद्र

प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लगातार नजर रखे हुए हैं। रोज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वे स्थिति की समीक्षा करते हैं।

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आज भी उन्होंने अधिकारियों से अपडेटेड जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोग अब लाॅकडाऊन में सहयोग कर रहे हैं। लोगों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता आसानी से हो। जो कुछ लोग बेवजह बाहर निकलते हैं उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। बाहर से आए लोगों पर लगातार नजर रखें और सुनिश्चित किया जाए कि होम क्वारेंटाईन किए गए लोग बिल्कुल भी बाहर न निकलें।
जरूरी वस्तुओं की खरीददारी में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन होना चाहिए। अभी उत्तराखंड में कोरोना के प्रथम स्टेज में हैं, फिर भी बहुत सतर्कता और सावधानी की आवश्यकता है। कोरोना वायरस से बचाव में लगा पूरा तंत्र लगातार अलर्ट मोड में रहे। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, डीजीपी अनिल कुमार रतूङी, प्रमुख सचिव श्रीमती मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, दिलीप जावलकर उपस्थित थे।
वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी कोरोना वायरस  के संक्रमण से बचाव हेतु सतर्क रहने और संयम बरतने का अनुरोध किया है। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने  कहा कि अगर किसी को खांसी, जुकाम, बुखार आदि इस प्रकार की कोई तकलीफ है तो इसके लिए डॉक्टर से संपर्क करें।  उन्होंने कहा कि देश इस वक्त कोरोना महामारी से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री जी स्वयं एक सप्ताह में दो बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। पूरी दुनिया इस वक्त इस महामारी से ग्रस्त है। भारत में अभी इस की शुरुआत हुई है लेकिन भारत जैसे देश में यह समस्या कितनी गंभीर हो सकती है आप इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि अमेरिका और इटली जैसे देश तमाम तरह की स्वास्थ्य सुविधाओं के होते हुए भी आज किस हालात में हैं। हमारे पास केवल और केवल यही एक समाधान है कि हम सामाजिक दूरी बनाकर रखें। हमको दूरी बनाकर रखनी है। मंदिरों मस्जिदों गुरुद्वारों गिरिजाघरों में सामूहिक पूजा अर्चना को प्रतिबंधित किया गया है। वहां पर केवल पुजारी, मौलवी एवं पादरी ही पूजा पाठ कर सकते है। मेरा आपसे अनुरोध है कि हम सोशल डिस्टेंस बनाकर रखें। इसका स्वयं भी पालन करें और औरों को भी इसका पालन करने हेतु जागरूक करें। उन्होंने अनुरोध किया कि सोशल डिस्टेंस का पालन करें। यदि कोई बाहर से आया है तो हम उससे सामाजिक दूरी बनाते हुए उसकी सूचना शासन को दें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं पुलिस विभाग के लोग रात दिन अपने जीवन को खतरे में डालते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। हमें उनके भी चिंता करनी है। उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों से कहा कि हमारे पास 11000 से अधिक बूथ हैं। बूथ अध्यक्ष एवं सभी कार्यकर्ता मोहल्ले में घूम घूम कर यह देखें कि कोई गरीब भूखा ना सोए। यह हमारी सबसे बड़ी चिंता है। प्रशासन के साथ तालमेल करके उनके घर राशन पहुंचाने का कार्य किया जाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का बहुत बड़ा तंत्र है, ऐसी तमाम सामाजिक संस्थाएं इस कार्य में सहयोग करके प्रशासन की सहायता करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

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