
उत्तराखंड के लाल हवलदार राजेन्द्र नेगी के घर उनके मिसिंग
होने के बाद लगातार लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आना जाना बना हुआ था
जो अब कम हो चला है

इससे पहले तक लोग लापता हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी के घर पहुंचकर परिजनों को ढाढस बंधा रहे थे। सलामती की दुआएं की जा रही थीं और तलाशी अभियान भी तेज करने की मांग उठ रही थी।
समय आगे बढ़ रहा है

उनके घर आए भाई और रिश्तेदार भी लौट चुके हैं। अब अक्सर उनके घर के बाहर सन्नाटा पसरा रहता है ,
अपने बेटे, पति ,पापा के सकुशल वापसी का इंतजार कर रहे परिवार के लिए इस सन्नाटे में एक-एक पल बिताना कितना मुश्किल है ये उनसे अधिक कोंन समझ सकता है ।
आजकल घर की छत पर अब हवलदार के बुजुर्ग पिता रतन सिंह नेगी और मां धूप में परेशान से बैठे दिखाई देते है ओर अपने बेटे से जुड़ी अच्छी खबर आने की बाट जोह रहे है तो
हवलदार की पत्नी राजेश्वरी देवी
चेहरे पर उदासी बिखरी होने के बाद भी अब रोज दिन चरया के कार्य मैं मरे मन से लगी रहती है।
हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी के बारे मैं बात होते ही आंखें डबाडब कर भर आती है

सेना से तो हर रोज फोन आता रहता है राजेश्वरी देवी ने कहा उनके साथी भी कई बार फोन कर सांत्वना देते हैं और तलाश के लिए हो रहे प्रयासों के बारे में बताते हैं। तो हर महीने आर्थिक मदद देने का भरोसा दिया गया है।ओर उन्होंने सेना के कहने पर भी एसबीआई में खाता भी खुलवाया। इसकी जानकारी भी बटालियन को दे दी गई थी
उनके अनुसार अफसरों ने कहा है कि जवान का पता लगने तक हर महीने लगभग 25 हजार रुपये इस खाते में परिवार के खर्चे के लिए भेजे जाएंगे।
फिलहाल 7 तारीख तक खाते मैं नही आये थे पैसे
अब इस परिवार की आर्थिक हालत भी खराब होने लगे है क्योंकि पूरा घर हवलदार राजेन्द्र नेगी के वेतन से ही चलता थ।
वही इससे पहले जनवरी के महिने जवान के लापता होने के बाद उनके आवास पर देहरादून के तीन विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत समेत कई स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पहुंचे थे और सभी ने केंद्र सरकार तक बात पहुंचाकर जवान की खोज में तेजी लाने और परिवार की हर संभव मदद का भरोसा दिया था
मगर उन्होंने क्या प्रयास किए, इसकी जानकारी परिवार के पास नहीं, हाल ही मैं सांसद अजय भट्ट ने ये पूरा मामला सदन मैं भी उठाया था , ओर आरम्भ मैं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने भी दिल्ली जाकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी इस मुद्दे पर बातचीत की थी।
बहराल
फिलहाल तो बोलता उत्तराखंड यही जानता ओर समझ रहा है कि पुरे एक महीने से लापता हवलदार राजेंद्र नेगी के परिजनों
की आर्थिक हालत ठीक नही
उनकी मदद के लिए राज्य सरकार ओर समाज सेवियों को आगे आना चाहिए।
बाकी हवलदार राजेन्द्र नेगी सकुशल घर आये ये दुवा पूरा उत्तराखंड कर ही रहा है।
हम सभी जानते है कि 11वीं गढ़वाल राइफल्स के लापता जवान हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी जी का आज एक महीने बाद भी कुछ पता नहीं लगा पाया है।
हम जानते है कि वह बीती आठ जनवरी से लापता हैं
ओर हवलदार राजेंद्र नेगी जी के लापता होने के बाद से सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि गमगीन परिजनों को सेना, शासन या प्रशासन से अब तक जानकारी अनुसार कोई मदद भी नहीं मिली है !
अब जवान के परिजनों पर आर्थिक तंगी भी बढ़ने लगी है ये ख़बर भी सार्वजनिक होने लगी है
हम सभी पिछले 30 दिनों से यही जानते है मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार की पाकिस्तान सीमा पर स्थित अनंतनाग में बर्फ पर फिसलने से दून के सैनिक कॉलोनी, अंबीवाला निवासी जवान राजेंद्र सिंह नेगी लापता हो गए थे। ओर
नौ जनवरी को इसका पता लगा।
यानी कि ठीक आज से 30 दिन पहले।
तब से परिजन गमगीन हैं।
हवलदार राजेंद्र नेगी भाई की की दो बेटियां और एक बेटा है।
ये तीनों जी केवि आईएमए में पढ़ाई कर रहे हैं।





