
ये तो पहली बार देखा रे उत्तराखंड में जिन्होंने 11 अप्रेल को मतदान किया उन 10 परिवारों का ग्रामीणों ने किया सामाजिक बहिष्कार, मंदिर में प्रवेश पर भी लगाई रोक पूरी ख़बर सुनो सरकार।
आपको बता दे कि उत्तराखंड के बागेश्वर की विधान सभा कपकोट के एक गांव डौला के दस परिवारों को 11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव में मतदान करने पर सामाजिक रूप से बहिष्कृत होने का दंश सहन करना पड़ रहा है। वही गांव वालों ने इन परिवारों का मंदिर में प्रवेश रोक दिया है और रास्ता रोकने, बिजली, पानी सहित अन्य हक हकूकों से वंचित करने वंचित करने की धमकी भी दी गई है। ये पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़ित पक्ष बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के पास सुरक्षा की मांग को लेकर पहुंचा ।वही डीएम ने इस पूरे मामले में जांच का आदेश देने के साथ ही पुलिस अधीक्षक से प्रभावित परिवारों को सुरक्षा देने को कहा है। आपको बता दे कि दरअसल मै लोकसभा चुनाव के दौरान डौला गांव के लोगों ने सड़क सहित अन्य समस्याओं का समाधान न होने पर चुनाव बहिष्कार की धमकी दी थी। इस धमकी को देखते हुए स्वीप की टीम इस गांव में पहुंची थी और अधिकारियों ने गांव वालों को वोट डालने के लिए सहमत करने का दावा भी किया था।
पर 11 अप्रैल को मतदान के दिन इस गांव के बूथ पर 177 में से सिर्फ 28 वोट पड़े। जिसमे सेव25 वोट गांव के ही मतदाताओं के थे और बाकी तीन मतदान कर्मियों के थे। जिससे साफ हो गया था कि मतदान में अधिकतर मतदाताओं ने हिस्सा नहीं लिया।
जब बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से मिले पीड़ित पक्ष ने गांव की प्रधान हंसी देवी, प्रधान पति नैन सिंह, सरपंच मोहनी देवी, पूर्व सरपंच मोहन सिंह आदि के खिलाफ शिकायत की। डीएम से मिले नवीन सिंह, गंगा सिंह, नरेंद्र सिंह, नंदी दानू आदि का यह भी कहना है कि गांव के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान से उनको राशन भी नहीं लेने दिया जा रहा है।
जिन्होंने मतदाताओं ने किया था मतदान वे प्रवीण सिंह, नवीन सिंह, हिम्मती देवी, उमा देवी, जमुना देवी, भजन सिंह, रमुली देवी, खीम सिंह, कौशल्या देवी, गंगा सिंह, देवकी देवी, गायत्री देवी, प्रवीण सिंह, रमेश सिंह, हिमुली देवी, प्रकाश सिंह, ऊषा देवी, गजेंद्र सिंह, लीला देवी, खिलपा देवी, पुष्पा दानू, नंदी देवी, नरेंद्र सिंह, प्रभा दानू
वही इस पूरे मामले की
की जांच एआरओ कपकोट को करने के लिए कहा गया है। मतदान करने वाले ग्रामीणों को पर्याप्त सुरक्षा देने के लिए एसपी को भी कहा गया है। जल्द रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। ये कहना रंजना राजगुरु, डीएम बागेश्वर का है।
बहराल जांच मै आगे और क्या कुछ निकलकर आता है इस पर नज़र सबकी रहेगी।क्योकि ये बात कोई छोटी नही।




