स्टेडियम के सीसीटीवी कैमरे में सुशील की तस्वीर भी सागर को बुरी तरीके से मारते हुए कैद ,खुफिया विभाग अलर्ट

हरिद्वारः दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के दो गुटों में मारपीट के बाद 23 वर्षीय पूर्व जूनियर राष्ट्रीय चैंपियन सागर की हत्या के मामले में ओलंपियन सुशील कुमार का नाम सामने आने के बाद से वह फरार है ।पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस को जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपित ओलंपियन सुशील पहलवान देश के एक बड़े योग गुरु के हरिद्वार स्थित आश्रम में छिपा है।

सुशील के बेहद खास रहे रोहतक निवासी भूरा ने पुलिस को दिए बयान में इस बात का राजफाश किया है। सुशील पर हत्या का आरोप लगने के कारण किसी न किसी दबाव में आकर पुलिस इससे जुड़े हर पहलुओं पर शुरू दिन से चुप्पी साध रखी है। भूरा के बयान को अत्यंत गोपनीय रखा गया है। इसके बयान को पुलिस अपनी तफ्तीश में शामिल करेगी या नहीं यह कहना मुश्किल है। जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पहलवान भूरा, सुशील का पहले सबसे खास होता था।

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सुशील के सारे काम का देखरेख वही करता था। लेकिन कुछ साल पहले किसी बात को लेकर सुशील ने उससे दूरी बना ली। उसके बाद सुशील ने अपने सभी कामकाज की जिम्मेदारी अजय और भूपेंद्र को सौंप दी। इस वक्त ये दोनों सुशील के सबसे खास हैं। भूपेंद्र फरीदाबाद का रहने वाला है और इसके खिलाफ फरीदाबाद के थानों में उगाही, आ‌र्म्स एक्ट आदि के सात मामले दर्ज हैं। अजय के बारे में पुलिस को अभी जानकारी नहीं मिली है। उसके पिता बक्कर वाला इलाके से कांग्रेस के निगम पार्षद बताए जा रहे हैं।

पुलिस का कहना है कि भूरा को सुशील ने भले ही किनारे कर दिया हो, लेकिन दोनों के बीच झगड़ा नहीं है। चार मई की देर रात छत्रसाल स्टेडियम में पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के बाद सुशील और उसके साथ आए सभी पहलवान वहां से भाग गए थे। सभी अलग अलग जगहों पर जाकर छिप गए थे। अगले दिन सुबह 10 बजे सुशील को जब पता चला की सागर की सुश्रुत ट्रामा सेंटर में मौत हो गई और पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमें में उसका नाम भी है। तब सभी अलग-अलग दिल्ली से भाग निकले। अजय को सुशील समयपुर बादली छोड़ देने को कहा। वहां कुछ देर रुकने के बाद सुशील ने फोन कर भूरा को बुला लिया और बाबा के आश्रम हरिद्वार में छोड़ देने को कहा। भूरा उसे सीधे आश्रम ले जाकर छोड़ आया और कुछ देर वहां रुकने के बाद वापस रोहतक लौट गया। आश्रम पहुचने के बाद सुशील ने अपने सभी फोन बंद कर लिए।पुलिस की अंतिम लोकेशन वहीं की मिली। कॉल डिटेल से पुलिस को जब भूरा के बारे में पता लगा तब उसे रोहतक से हिरासत में ले लिया गया।

सुभाष प्लेस थाने के इंस्पेक्टर प्रताप सिंह को सौंपी। उसे तीन दिन तक सुभाष प्लेस थाने में रखकर पूछताछ की गई। पूछताछ में भूरा से सबकुछ सच्चाई बता दिया। उसने यह भी बताया कि जब वह सुशील को लेकर आश्रम पहुंचा तब बाबा ने उसके सामने दिल्ली पुलिस के एक संयुक्त आयुक्त को फोन कर सुशील को हर हाल में बचाने को कहा। इकबालिया बयान में भूरा से सबकुछ सही बता दिया। जिसके बाद उसे और दो अन्य को मंगलवार को छोड़ दिया गया।

छत्रसाल स्टेडियम में बीते चार मई की रात ओलंपियन सुशील पूरी तैयारी के साथ पहलवानों और बदमाशों को लेकर उभरते हुए पहलवान सागर धनखड़ की हत्या करने आया था। सागर के शरीर पर मिले चोट के निशान से परिजनों का कहना है कि सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक सागर की छाती को छोड़कर पूरे शरीर पर लाठी और लोहे की रॉड से मारने के घाव थे। पैर से लेकर सिर तक 50 से अधिक गहरे घाव के निशान थे। सिर पर सबसे ज्यादा वार किया गया था।

परिजन का आरोप है कि स्टेडियम के सीसीटीवी कैमरे में सुशील की तस्वीर भी सागर को बुरी तरीके से मारते हुए कैद है। घटना वाली रात सागर के जिन तीन साथियों सोनू, भगत सिंह व अमित की भी सुशील के बदमाशों ने पिटाई की थी । शनिवार को उन सभी के बयान मॉडल टाउन थाने में दर्ज किए गए।

 

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