
उत्तराखंड का एक और लाल अपने वतन के लिए क़ुर्बान हो गया। जम्मू कश्मीर के सुजवां में हुए आतंकी हमले के दौरान जवान राकेश रतूड़ी ने भारतीय सेना का लोहा मनवाते हुए अतंकियों का निडर होकर सामना किया लेकिन इस दौरान वह घायल हो गए थे। जिसके बाद उन्हे घायल अवस्था में सेना हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया एक बार फिर अपनी मातृभूमि की रक्षा करते-करते और देश की शान के लिए एक ओऱ उत्तराखंड का लाल शहीद हो गया। जवान राकेश रतूड़ी मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल के पाबौ ब्लॉक की पट्टी बाली कंडारस्यूं स्थित सांकर सैंण गांव के रहने वाले थे। वह अपने पीछे पत्नी नंदा देवी और दो बच्चों नितिन और किरण को छोड़ गए हैं। महार रेजीमेंट में तैनात राकेश साल 1996 में फौज में भर्ती हुए थे। उनकी शिक्षा राइंका सांकर सैंण गांव में ही हुई। वह तीन जनवरी को छुट्टी पर आए थे और 9 जनवरी को वापस चले गए। पिछले तीन दिन से उनका फोन नहीं उठ रहा था। जिस कारण परिवार चिंतित था। लेकिन जैसे ही कल रात को परिवार को राकेश की शहादत की खबर मिली तो पूरा परिवार बिलख उठा। हमारा एक और उत्तराखंड का जवान देश के लिए अपनी जान को क़ुर्बान कर के सदैव के लिए अमर हो गया।







