
देहरादून– उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर बड़ासी पुल की एप्रोच रोड टूटने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। जिसमें अधिशासी अभियंता जीत सिंह रावत तत्कालीन अभी अधिशासी अभियंता शैलेंद्र मिश्र और सहायक अभियंता अनिल कुमार चंदोला को निलंबित किया गया है। तीनों अधिकारी निलंबन की अवधि में क्षेत्रीय मुख्य अभियंता कार्यालय लोक निर्माण विभाग पौड़ी में संबंध रहेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने थानों रोड पर निर्मित बड़ासी पुल की एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के क्रम में शासन ने अब यह जांच मुख्य अभियंता अशोक कुमार को सौंपी है। उनसे जल्द जांच पूरी करने को कहा गया है।थानों रोड पर बने बड़ासी पुल की एप्रोच रोड का एक हिस्सा कुछ दिनों पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। इसी पुल पर बीते वर्ष भी खामी पाई गई थी। एप्रोच रोड के क्षतिग्रस्त होने पर शासन ने मामले प्रारंभिक जांच राजमार्ग इकाई के मुख्य अभियंता एसके बिरला को सौंपी थी। उन्होंने जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।
लेकिन सरकार द्वारा की गई कार्यवाही पर सवाल खड़े हो रहे है। जीत सिंह रावत जिन्हें लोक निर्माण विभाग ने निलंबित किया है उन्हें ऐसी गलती की सजा मिल रही है जो उन्होंने की ही नहीं ना उन्होंने इस पुल का निर्माण करवाया और ना ही इनके समय में पुल का संचालन शुरू। जीत सिंह रावत का ट्रांसफर ही तब यहां हुआ जब इस पुल पर यातायात चल चुका था यानी अब मामला क्योंकि बड़ा होता जा रहा है इसलिए विभाग ने अपने गले बचाने के लिए ऐसे अधिकारियों को बलि का बकरा बना दिया जिसकी कोई गलती ही नहीं ।






