
उत्तराखंड में हल्द्वानी के कैटरिंग कारोबारी का शव बरेली रोड स्थित दानिश के बगीचे में मिलने से सनसनी फैल गई। युवक का गला रस्सी के फंदे से कसा गया था। सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। बनभूलपुरा पुलिस मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
उजाला नगर निवासी सोनू गुप्ता (38) कैटरिंग का काम करता था। रविवार सुबह बकरी चराने निकले लोगों दानिश के बगीचे में पेड़ के नीचे शव पड़ा देखा। बगीचा मालिक दानिश की सूचना पर एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ प्रमोद शाह और बनभूलपुरा थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक मौके पर पहुंचे।
युवक के गले में रस्सी का फंदा पड़ा था। तलाशी में उससे मोबाइल और बाइक की चाभी बरामद हुई। मां शकुंतला और बड़े भाई सर्वेश गुप्ता ने शव की शिनाख्त की। पूछताछ में पता चला कि सोनू शनिवार शाम विष्णुपुरी में रहने वाले बुआ के बेटे रमेश गुप्ता के साथ डहरिया स्थित बैंक्वेट हॉल गया था।
वहां रमेश की मां सब्जी बेचती है। सब्जी लेने के बाद सोनू ने रमेश को घर छोड़ दिया था। शकुंतला ने बताया कि सोनू बाइक घर के सामने खड़ी करने के बाद रात आठ बजे घर से निकला था। सुबह बेटे की मौत की सूचना मिली। पुलिस मामले में आपसी संबंधों को जांच के केंद्र में रखकर हत्यारों की तलाश कर रही है। दो संदिग्धों से पूछताछ में पुलिस को हत्यारों के बारे में सुराग मिला है। एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं।
सोनू की पत्नी रजनी पांच दिन पहले मायके किच्छा गई थी। सोनू की मौत से उनके तीन बच्चे कशिश (12), वरुण (10) और ओम (05) के सिर से पिता का साया छिन गया है। पति की हत्या की जानकारी मिलने पर पत्नी घटनास्थल पर पहुंची। मां शकुंतला ने मामले में परिवार के सदस्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
लॉकडाउन में कैटरिंग का कारोबार बंद होने के कारण सोनू पल्लेदारी और मजदूरी करने लगा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सोनू के घर में मुरादाबाद का एक युवक आता-जाता था, जो वर्तमान में सती कॉलोनी में रहता है।
हत्या की जानकारी मिलने पर फॉरेंसिक टीम के प्रभारी नंदन सिंह रावत मौके पर साक्ष्य एकत्रित करने के लिए पहुंचे। मौके पर शव घसीटने के निशान नहीं मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी अन्य स्थान पर गला कसने के बाद शव को बगीचे में ठिकाने लगाया गया है। वहीं, सोनू की पत्नी रजनी ने बताया कि करीब एक माह पूर्व सोनू का अपने बड़े भाई सर्वेश के साथ झगड़ा हुआ था। आरोप लगाया कि उस समय सर्वेश और उसके साले ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। कुछ दिन पहले जेठानी ने उसके छोटे बेटे ओम को पीट दिया था। यह मामला थाने पहुंचा था, लेकिन दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
कहा कि दो दिन पूर्व रात को उसकी पति से फोन पर बात भी हुई थी। इधर, सर्वेश का कहना है कि हर घर में झगड़ा होता है लेकिन अपने भाई को कोई क्यों मारेगा। तीन भाइयों में सोनू दूसरे नंबर का था। सोनू को भीमताल में 15,16 और 17 जून के लिए किसी समारोह के लिए कैटरिंग का काम मिला था। सोनू अपने बुआ के बेटे को साथ भीमताल जाने वाला था, लेकिन उसके पहले ही उसकी हत्या हो गई।
पुलिस की टीमें कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। अभी घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है।
-प्रीति प्रियदर्शिनी, एसएसपी नैनीताल







