

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लगातार हो रही बर्फबारी से भविष्य बदरी मंदिर के आसपास तीन फीट से अधिक बर्फ जमा हो गई है। सुभाई गांव स्थित भविष्य बदरी मंदिर में तीन महीने से तपस्यारत गुजरात मूल का एक साधु बाबा पार्थवानंद बर्फबारी के चलते यहां फंस गया। गनीमत यह कि साधु के पास मोबाइल था और मंदिर क्षेत्र में संचार नेटवर्क काम कर रहा था। साधु ने गुजरात में अपने एक शिष्य को मोबाइल के जरिये खुद के भविष्य बदरी मंदिर में फंसे होने की सूचना दी। शिष्य की सूचना पर चमोली जिला प्रशासन हरकत में आया और साधु को वहां से लाने की कोशिशें शुरू हुईं। बर्फबारी के चलते भविष्य बदरी मंदिर में तप कर रहे एक साधु की जान पर बन आई। रेस्क्यू टीम 25 किलोमीटर बर्फीली राह नापकर साधु को सकुशल जोशीमठ लेकर आई।For IOS and IPAD browsers, Install PWA using add to home screen in ios safari browser or add to dock option in macos safari browser