आदर्श चम्पावत उत्तराखण्ड/25 पर हुआ मंथन ये सब कुछ रहा ख़ास

 

उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं हिमालय पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन (हैस्को) देहरादून के सहयोग से आदर्श चम्पावत उत्तराखण्ड/25 पर आज दिनांक 22 अगस्त, 2022 को विचार मंथन का आयोजन यूकॉस्ट के विज्ञान धाम परिसर, झाजरा में आयोजित किया गया।

हिमालय की पारिस्थितिकीय विभिन्नता के दृष्टिगत अलग अलग मुद्दो पर विभिन्न प्रयोग करने का हमारे लिए एक अवसर है। उन्होंने हाल ही में बांदल घाटी में हुई आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि इस तरह कि घटनाओ की पुनरावृति एक चिंतनीय विषय है। उन्होंने कहा कि आदर्श चम्पावत के मॉडल के जरिये पूरे हिमालय के लिए विकास नीति की नींव रखे जाने का यह एक अच्छा अवसर है। इसके माध्यम से हम अन्य हिमालयी राज्यों को पर्वतीय क्षेत्रों के अनुकूल नीति और विकास की दिशा दे पाएंगे, यह कहना है हिमालय पर्यावरण अध्ययन और संरक्षण संगठन (हैस्को) देहरादून के संरक्षक पद्मभूषण, डा0 अनिल जोशी का। साथ ही यह भी कहा कि समाज, सरकार एवं गैर सरकारी संस्थान को मिलकर समाज के उत्थान के लिए कार्य करना होगा। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य का विकास पर्यावरण को मद्देनजर रखते हुये कार्ययोजना तैयार करनी होगी जिसमें हैस्को सहयोग कर सकता है।

यह भी पढ़े :  कोराना के साथ, अतिक्रमण का डंडा , पलटन बाज़ार के व्यापारियों से मिले आप प्रदेश अध्यक्ष

प्रो0 दुर्गेश पंत, महानिदेशक, द्वारा सभी विभागों का स्वागत करते हुये कहा कि पुष्कर सिह धामी, मुख्यमंत्री की एक अभिनव पहल है बोधिसत्व विचार श्रृंखला। इस विचार मंथन से जल, जंगल, जमीन, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रो में कार्य कर रहे सरकारी तथा गैर-सरकारी विषय विशेषज्ञों के बीच विचारों का मंथन होता है। बोधिसत्व विचार श्रृंखला से राज्य के सतत् विकास लिए कुछ इनोवेटिव आइडियाज प्राप्त हो रहे हैं और इसी कड़ी में आदर्श चम्पावत उत्तराखण्ड/25 के विजन के लिए आज हम यहाँ एकत्रित हुए हैं। आज सरकार के विभिन्न लाइन डिपार्टमेंट्स तथा गैर-सरकारी संस्थानों से आये विभिन्न विषय विशेषज्ञ तथा अधिकारीगण् विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों के माध्यम से चम्पावत को आदर्श जनपद के रुप में विकसित करने हेतु विचार मंथन करेंगे। इस हेतु सभी विभाग आपस में मिलकर विकास कार्यों को अधिक प्रभावशाली बनाते हुए पुष्कर सिह धामी, मुख्यमंत्री के उत्तराखण्ड/25 के लक्ष्य को धरातल पर उतारने में अपनी महती भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा प्राप्त निर्देशों के क्रम में चम्पावत को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से आदर्श जनपद बनाने हेतु परिषद को नोडल एजेन्सी बनाया गया है। परिषद को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर चम्पावत को आदर्श जनपद बनाने का कार्य करना है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग से भूमि एवं जल संसाधनों में सुधार, कृषि व बागवानी एवं इन पर आधारित उद्योग, वैल्यू एडिशन, पशुपालन, कुक्कुट पालन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा तथा विभिन्न क्षेत्रो में महती भूमिका निभाकर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने का साधन बन सकते हैं।

यह भी पढ़े :  C.M: T.S .R ने 71 विधायकों को एक-एक करोड़ की विधायक निधि को स्वीकृति प्रदान कर दी साथ ही पार्षद भी अब अपने क्षेत्रों में करा सकेंगे सड़क निर्माण

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव, डा0 आर0 मीनाक्षी सुन्दरम (आई0ए0एस0) द्वारा बताया गया कि चम्पावत जनपद का सर्वे और अध्ययन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है ताकि एक विशिष्ट कार्य योजना तैयार की जा सके। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि छोटी छोटी नौकरियों के लिए लोगों को राज्य से बाहर जाना पड़ता है जबकि यहीं पर रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध करवाए जा सकते है। उन्होंने कहा इस विचार मंथन सत्र का उद्देश्य जनपद में आजीविका सृजन के अवसर तलाशना और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कि सहायता से लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य आधारित योजनायें बनायीं जाए जैसे – कैटल ब्रीडिंग हब, दुग्ध मूल्य संवर्धन, बागवानी, फूलों की खेती, स्थानीय मसालें, होम स्टे योजना के तहत स्थानीय लोगों का कौशल विकास आदि पर विशेष ध्यान देने कि बात कही। उन्होंने कहा अन्य हिमालयी राज्यों कि तरह हमे भी नकदी फसलों की खेती पर प्रभावी योजनाए विकसित की जाएँ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here