CM पुष्कर सिंह धामी की भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कारवाई: आईएएस रामविलास यादव को किया सस्पेंड…

 

IAS राम विलास यादव पर सख्ती, 30 जून को रिटायरमेंट से पहले सस्पेंड

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कारवाई करते हुए आईएएस रामविलास यादव को सस्पेंड कर दिया।
इस अवधि में वे कार्मिक विभाग से संबंद्ध रहेंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के अनुमोदन के बाद सचिव कार्मिक शैलेश बगोली ने आईएएस यादव के सस्पेंड करने के आदेश किए हैं।

यादव पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। उत्तराखंड गठन के दौरान पीसीएस रामबिलास को उत्तराखंड काडर मिला था, लेकिन अपने आवंटन के खिलाफ यादव समेत कई पीसीएस अफसरों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला और कोर्ट ने पीसीएस अफसरों के याचिका खारिज करते हुए उन्हें आवंटित काडर में ज्वाइनिंग के आदेश दिए थे।

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इस बीच यादव का यूपी में ही आईएएस संवर्ग में प्रमोशन हो गया था। वर्ष 2017 में उत्तराखंड में ज्वाइनिंग देने के बाद याद लोक सेवा आयोग के सचिव के अलावा अपर सचिव ग्राम्य विकास व समाज कल्याण विभाग भी देख चुके हैं। आईएएस यादव छापेमारी के बाद से ही अवकाश पर चल रहे हैं। रिटायरमेंट से पहले सस्पेंड होने के बाद अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विदित है कि धामी सरकार इससे पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अफसरों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिलने पर उन्हें भी सस्पेंड कर चुकी है।

अपर सचिव कृषि व उद्यान रामबिलास यादव इसी माह 30 जून को रिटायरमेंट है। सरकार ने आठ दिन पहले आईएएस यादव पर कड़ी कारवाई कर दी है। बीती 11जून को विजिलेंस ने यादव के देहरादून और यूपी के कई ठिकानों पर छापे मारे थे। विजिलेंस ने दावा किया है कि छापेमारी में आईएएस व सगे-संबंधियों के पास अकूत संपत्ति मिली है। विदित है कि यूपी में अखिलेश यादव सरकार के दौरान रामबिलास कई प्राइज पोस्टिंग पर तैनात रहे।

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