
आज पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी के दिल की बात उनकी जुबानी । अनिल बलूनी द्वारा कही गई बात और बयान
राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी
आज मेरे लिये प्रसन्नता, उल्लास और संतोष का दिन है। भावुक भी हूँ, उत्तराखण्ड की जनता को मजबूत स्वास्थ्य कवच मिलने की खुशी है। प्रदेश के दुर्गम और सीमान्त क्षेत्र के हर नागरिक के प्राथमिक स्वास्थ्य को देश की पैरामिलिट्री और सेना का साथ मिला है। उत्तराखण्ड अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से लगा सामरिक प्रान्त है, यहाँ के नागरिक ‘अवैतनिक सीमान्त सेनानी’ हैं। निःसंदेह यह राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में चिकित्सा क्रांति साबित होगी।
देश के माननीय गृहमंत्री श्री राजनाथसिंह जी का ह्रदय से आभार जताना चाहूँगा कि उन्होंने मेरे अनुरोध पर आईटीबीपी, एसएसबी और सीआरपीएफ के चिकित्सकों द्वारा आम नागरिकों को प्राथमिक उपचार देने, और स्वास्थ्य समस्याओं के निदान की उम्मीद जगाई है। भारत-तिब्बत-नेपाल सीमा पर बसे राज्यवासियों के लिये खुशखबरी है।
कल देश की रक्षामंत्री जी और आज गृहमंत्री जी ने उदारता और संवेदनशीलता दिखाते हुये राज्य की जनता को बड़ी सौगात दी है। मोदी सरकार के इस अमूल्य उपहार से राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में मदद मिलेगी। जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की सेवा हेतु सेतु बनने का सौभाग्य मेरी पार्टी ने दिया है, जिसका मैं आभारी हूँ। मेरा प्रयास होगा कि उत्तराखण्ड के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में कार्य करके पलायन रोकने के ठोस उपायों पर कार्य कर सकूँ। 
शीघ्र ही सेना और पैरामिलिट्री के चिकित्सकों द्वारा राज्य के नागरिको को प्राथमिक उपचार, परामर्श, औषधि आदि की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। 
राज्य में आईटीबीपी, सीआरपीएफ और एसएसबी की विभिन्न स्थानों पर इकाइयां हैं। देहरादून, मसूरी, मातली, नेलांग( उत्तरकाशी), श्रीनगर गढ़वाल(पौड़ी),चम्बा( टिहरी), गौचर औली जोशीमठ, माणा, ग्वालदम (चमोली), रानीखेत, अल्मोड़ा, काठगोदाम, लालकुआं, मिर्थी, जाजरदेवल, धनौडा ( पिथौरागढ़), चम्पावत, बनबसा आदि स्थानों पर पैरामिलिट्री तैनात हैं। इन स्थानों पर जहाँ चिकित्सक उपलब्ध होंगे उनका लाभ स्थानीय जनता को प्राप्त होने की उम्मीद जगी है।
बहराल आज पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी जी के सफल प्रयास को उनके बयानों के साथ जनंता के बीच बोलता उतराखंड ने रखा है ये सोच कर की बलूनी जी पहाड़ को आप की जरूरत है क्योकि इस राज्य को अब आपके रूप मे जननेता की जरूरत है सिर्फ नेता की नही। क्योकि नेताओ की तो यहा भरमार है पर जिस तरह से आप सफल प्रयास कर रहे है उससे यही लग रहा है कि आप उत्तराखंड का भविष्य है।और राज्य के एक बड़े जननेता के रूप मे निकलकर आयेगे। आपको सुभकामनाये ये कहकर की आपके द्वारा किये गए या किये जाने वाले हर कार्य से न्यू उत्तराखंड का सपना साकार हो।







