उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच बोला : राज्यसरकार और शासन का नाकारापन, उठा सवाल अब फिरआगे क्या

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच*

आज दिनांक 21

-अगस्त को उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा सरकार द्वारा बार बार झूठे आश्वासन को लेकर आक्रोशित होकर शहीद स्मारक में भविष्य क़ी रणनीति को लेकर बैठक आयोजित क़ी गई।
आपको याद दिलाते चले कि *राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संगठन के बैनर* के तले भाजपा सरकार के तीनो मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में 02- बार मुख्यमन्त्री आवास कूच किया पुनः 02-बार विधनसभा घिराव किया साथ ही राजभवन भी कूच किया गया।
जगमोहन सिंह नेगी व धीरेन्द्र प्रताप संयुक्त बयान में कहा कि इन सभी कूच और घिराव में सरकार के कैबिनेट मंत्रियो से लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता कर हमेशा राज्य आन्दोलनकारियों के पक्ष में कार्य करने का भरोसा दिलाया लेकिन अभी तक परिणाम शून्य है। हां राज्य आन्दोलनकारियों क़ी सेवाएँ जरूर समाप्त करने का प्रारम्भ कर दिया है।
प्रदीप कुकरेती व वेद प्रकाश शर्मा एवं युद्धवीर चौहान ने कहा कि आंदोलनकारी सरकार से कई बार बिन्दुवार चर्चा की गई जिसमे विशेषकर 10% क्षैतिज आरक्षण का एक्ट राजभवन में 06-वर्षो से कैद पड़ा है एवं 07-वर्षो से चिन्हीकरण का कार्य ठप्प पड़ने के साथ ही सम्मान पेंशन लागू ना करना, हिमाचल क़ी तर्ज पर भू कानून लागू करवाना सभी 08- सूत्रीय मांग रखी लेकिन अभी तक ना ही सरकार और ना ही शासन द्वारा कोई सकारात्मक पहल दिखाई दी जिससे राज्य आन्दोलनकारियों मे आक्रोश व्याप्त है।
कमला बमोला व द्वारिका बिष्ट के साथ शकुन्तला रावत ने संयुक्त बयान में कहा कि ये सरकार और शासन का नाकारापन ही है जो शहीद परिवारों से लेकर जन समान्य आन्दोलनकारियों को आन्दोलन करने को बाध्य होना पड़ रहा है।
आज क़ी बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी , पूर्व राज्य मन्त्री धीरेन्द्र प्रताप, प्रदीप कुकरेती, वेद प्रकाश शर्मा, विक्रम भण्डारी , डी एस गुंसाई, वीरेन्द्र पोखरियाल, रामलाल खंडूड़ी, युद्धवीर सिंह चौहान, पूरण सिंह लिंगवाल, सतीस जोशी, गम्भीर सिंह मेवाड़, बलबीर सिंह नेगी, हरजिंदर सिंह,राकेश सेमवाल, सुदेश सिंह, करमचंद गुंसाई, नारायण सिंह नेगी, सुमित थापा, अम्बुज शर्मा, राजेन्द्र थपलियाल, विकास रावत, प्रभात डंडरियाल, सुमन भण्डारी, राजेश पान्थरी, विनोद असवाल , नरेन्द्र नौटियाल, संजय थापा, प्रमोद पंत, राकेश सेमवाल, बिल्लू बाल्मिकी, सरोज रावत, कमला बमोला, शकुन्तला रावत, पुष्पलता सिल्माणा, द्वारिका बिष्ट, राधा तिवारी, कुसुम लता शर्मा, पुष्पा बहुगुणा, देवेश्वरी रावत, सुशीला पटवाल, संगीता रावत, सुलोचना भट्ट, प्रेमा नेगी, कृष्णा रावत, सरोजनी थपलियाल, बिना बहुगुणा,
आदि मौजूद थे।

बैठक के अन्त में उपस्तिथ सभी मातृ शक्ति ने सभी राज्य आन्दोलनकारियों को रक्षा बन्धन क़ी पूर्व संध्या पर रक्षा बन्धन के अवसर पर माथे पे तिलक लगाकर रक्षा सूत्र बांधकर अपने संकल्प को पूरा करने के लिए दुआये दी साथ ही राज्य आंदोलनकारी साथियों ने अपनी मातृ शक्ति क़ी रक्षा करने व उनके सपनों को पूरा करने वचन दिया।

इसम

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