103 लोगों की जांच में प्रयोग हुईं सिर्फ 6 एंटीजन किट…जानें उत्तराखंड में कैसे यूज्ड किट से जांच का हो रहा था खेल

हमारे व्हॉट्सपप् ग्रुप से जुड़िये

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर पुलिस ने एक निजी कंपनी के आठ स्टाफ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कंपनी को यूपी बॉर्डर से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले लोगों के कोविड -19 जांच का ठेका दिया गया था। स्टाफ पहले से यूज की हुईं रैडिड एंटीजन किट का प्रयोग करके जांच कर रहा था और लोगों को झूठी निगेटिव रिपोर्ट दी जा रही थी।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आरोपियों के पास से 343 जांच किट बरामद किए, जिनमें से 167 इस साल मार्च में हरिद्वार कुंभ मेले में पहले ही इस्तेमाल किए जा चुके थे, क्योंकि कंपनी को वहां भी जांच का ठेका दिया गया था। आरोपियों की पहचान रुद्रपुर, हरिद्वार, बिजनौर और सोनीपत कस्बे के निवासी के रूप में हुई है।
दिल्ली की कंपनी को दिया गया था ठेका
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. डीएस पंचपाल ने बताया कि कुंभ मेले के लिए दिल्ली स्थित एक फर्म को हरिद्वार में कोविड -19 परीक्षण का ठेका दिया गया था। अप्रैल में राज्य में कोविड कर्फ्यू के बाद फर्म को यूएस नगर में भी ठेका मिला था। उन्होंने बरेली हाईवे पर पुलभट्टा बॉर्डर पर टेस्टिंग कैंप लगाया था।

108 टेस्ट किए लेकिन यूज किए सिर्फ 6 किट
सीएमओ ने बताया कि सोमवार की शाम, किच्छा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एचसी त्रिपाठी को सूचना मिली कि शिविर में यूज्ड किट इस्तेमाल की जा रही हैं। वह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और कैंप का निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि सोमवार को रिकॉर्ड के अनुसार 103 एंटीजन परीक्षण किए गए, लेकिन केवल छह किट का उपयोग किया गया।

डस्टबिन में फेंकते किट और बाद में उठा लेते
चिकित्सा अधिक्षक ने बताया कि आरोपी ने बाकी 97 व्यक्तियों के लिए इस्तेमाल की गई स्वाब स्टिक का उपयोग किया और उन्हें झूठी निगेटिव रिपोर्ट दी। नमूनों को प्रॉसेस ही नहीं किया गया और रेंडम लोगों को मनमानी रिपोर्ट दे दी गई। सदस्य लोगों के सामने किट डस्टबिन में फेंक देते थे और बाद में उनका फिर से उपयोग करते थे। यहां तक कि किसी भी आरोपी के पास ऐसी जांच करने के लिए लैब टेस्ट का डिप्लोमा तक नहीं था।

कंपनी के मैनेजमेंट को दिया गया नोटिस
पुलभट्टा थाने के एसएचओ विनोद जोशी ने बताया कि गिरफ्तार कर्मचारियों में से एक ने पूछताछ के दौरान बताया कि फर्म के अधिकारियों ने ही उन लोगों को ऐसा करने के लिए कहा था। जोशी ने कहा, ‘हमने कंपनी के प्रबंधन को नोटिस जारी किया है और उन्हें पुलिस, स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा है।’

यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here