पॉवर बैंक फ़्रॉड में एक और गिरफ्तार, खुले कई राज, एक हजार करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान

हमारे व्हॉट्सपप् ग्रुप से जुड़िये

पॉवर बैंक एप में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर करोड़ो रुपये हड़पने वाले अन्तराष्ट्रीय गिरोह का 01 और सदस्य को पश्चिमी उ0प्र0 से किया गिरफ्तार प्रकरण में 04 और अभियोग पंजीकृत किये गये तथा 08 खातो में लगभग 30 लाख रुपये कराये गये फ्रीज
साइबर अपराधियों द्वारा पावर बैंक नामक एप के माध्यम से पैसे इन्वेस्ट करने पर 15 दिन मे पैसे दोगुने करने का लालच देकर आम जनता से धनराशि जमा कराकर करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा है।

इस क्रम में साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को पीडित रोहित कुमार निवासी श्यामपुर जनपद हरिद्वार द्वारा साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून तथा राहुल कुमार गोयल निवासी कनखल हरिद्वार द्वारा शिकायत प्रेषित की गयी थी, जिसमें उनके द्वारा प्ले-स्टोर से पावर बैंक नामक ऐप डाउनलोड कर भिन्न भिन्न तिथियो में क्रमशः 91,200/- (इकानब्बे हजार दो सौ) एवं 73,000/- (तिहत्तर हजार) रुपये जमा कराये गये थे। शिकायतकर्ता द्वारा प्रेषित प्रार्थना पत्रो पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 18/21 धारा 420 भादवि व 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट एवं मु0अ0सं0 19/21 धारा 420 भादवि व 66(सी), 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना निरीक्षक श्री महेश्वर पुर्वाल के सुपूर्द कर STF एवं साइबर थाने की संयुक्त टीम का गठन किया गया । उक्त प्रकार के अपराध के सम्बन्ध में जनपद टिहरी गढ़वाल में भी एक अभियोग पंजीकृत है, जिसमे शिकायतकर्ता से 97000/- की धोखाधड़ी की गयी है ।

केडिया ने बनाई थीं 110 फर्जी कंपनियां

डीसीपी अन्येष राय ने बताया कि गुरुग्राम के सीए अविक केडिया ने चीन में बैठे एप निर्माताओं के कहने पर 110 फर्जी कंपनियां बनाई। आनलाइन मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनियों के जरिये भारतीयों को पैसा निवेश करने व जल्द उन्हें दोगुना रिटर्न करने का भरोसा दिया गया। क्विक मनी अìनग एप के जरिये निवेशकों को शुरू में 24 से 35 दिनों के अंदर कुछ राशि लौटाई गई। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा और वे अधिक पैसे निवेश करते गए।

पॉवर बैंक फ़्रॉड में एक और गिरफ्तार, खुले कई राज, एक हजार करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान

उधर ये भी जानकारी में आया है कि उत्तराखंड एसटीएफ की 24 घंटे की जांच में ही ठगी की रकम बढ़कर हुई 520 करोड़ रुपये हो गई है। ताजा जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी में जांच कर रही उत्तराखंड की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को ठगी की रकम 1000 करोड़ से भी ज्यादा होने का अनुमान है। पहले उसने यह रकम 250 करोड़ तक होने का अनुमान लगाया था, लेकिन जिस प्रकार से गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पता चल रहा है, उसमें यह रकम कहीं अधिक हो सकती है।उत्तराखंड एसटीएफ की अभी तक की जांच में 360 करोड़ की ठगी सामने आ चुकी है।

ठग गिरोह के तार चीन और थाइलैंड समेत कुछ अन्य देशों से जु़ड़े होने के चलते खुफिया एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में कुल मिलाकर 520 करोड़ रुपये की ठगी का पता चला है। मामले के तार दिल्ली व कर्नाटक समेत देश के अन्य राज्य से भी जुड़े होने की बात सामने आ रही है। बेंगलुरु की पुलिस से मालूम चला कि वहां पकड़े गए छह आरोपित छह अलग-अलग कंपनियों के निदेशक हैं। इनमें कुछ निदेशक उत्तराखंड के निवासियों से हुई धोखाधड़ी में शामिल बताए जा रहे।

अब तक मिली 25 शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं।उत्तराखंड एसटीएफ ने मंगलवार को 15 दिन में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर मोबाइल एप के जरिये हुई करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। गिरोह के एक सदस्य पवन कुमार पांडे को एसटीएफ ने उप्र के नोएडा से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ ने पावर बैंक एप पर हुए विभिन्न लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।

यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here