पिथौरागढ़ में दुल्हन बन शादी के लिए तैयार बैठी एक युवती के अरमानों पर मौसम की मार ऐसी पड़ी कि जो विवाह एक दिन में संपन्न होना था,

उसमें पांच दिन लग गए। सड़क बंद होने से बाराती बीच रास्ते में ही फंसे रह गए।

चार दिन तक दूल्हा सहित पूरी बारात एक होटल में कैद होकर रह गई। लंबे इंतजार के बाद सड़क खुली तो दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा।

तब जाकर पांचवें दिन दूल्हा-दुल्हन सात फेरे ले सकें।

नगर के सुनार गली निवासी शिवानी ने बताया उसकी चचेरी बहन काजल का विवाह टनकपुर निवासी मुकेश के साथ बीते 18 अक्तूबर को होना तय हुआ।

बीते दिनों मौसम विभाग के प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बाद दूल्हा पक्ष विवाह के दिन टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच सड़क बंद होने की संभावना को देखते हुए वाया हल्द्वानी होते हुए पिथौरागढ़ के लिए रवाना हुए।

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लेकिन भीमताल पहुंचते ही बारिश के कारण सड़कें बंद हो गई। इससे बारात भीमताल में ही फंसी रही गई।

बीते रोज गुरुवार को बेरीनाग-सेराघाट मार्ग खुलने पर बारात भीमताल से रवाना हुई। देर शाम दूल्हा बारात लेकर दूल्हन के घर पहुंचा। रात बारह बजे के करीब दोनों का विवाह हुआ। दुल्हन काजल का विवाह पांचवें दिन संपन्न हुआ।

बाराती बोले-कभी नहीं भूलेंगे शादी
यूं तो शादी का दिन दूल्हा-दूल्हन के लिए विशेष महत्व रखता है, लेकिन काजल और मुकेश का विवाह उन दोनों के साथ ही बारात में शामिल रहे लोग भी कभी भूल नहीं पाएंगे। लोगों ने कहा सड़क बंद होने से एक दिन का विवाह संपन्न होने में पांच दिन लग गए। लोग होटलों में कैद होकर रह गए थे।

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तीन दिन तक होटल में रहे बाराती
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जनपद को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कें बंद होने से दूल्हा मुकेश सहित करीब 25 बाराती तीन दिन तक भीमताल स्थित एक होटल में ही कैद होकर रह गए। चौथे दिन मार्ग खुलने पर किसी तरह बारात रवाना हुई। दुल्हन के घर पहुंचने के लिए भी बारातियों को करीब 90 किमी अतिरिक्त वाया सेराघाट-बेरीनाग होकर यात्रा करनी पड़ी

: दूल्हा-दुल्हन पर पड़ी मौसम की मार बारिश में फंसी बारात पांचवे दिन हो पाए सात फेरे

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