अबकी बार पौड़ी गढ़वाल में भाजपा-कांग्रेस की हर सीट पर तूफानी जंग तय


उत्तराखण्ड की राजनीति में
प्रदेश को पांच सीएम देने वाला पौड़ी जिला हमेशा से सियायत का केंद्र बिंदु रहा है
ओर अबकी बार पौड़ी की छह सीटों में हर सीट पर घमासान की स्थिति है। खासकर काबीना मंत्री हरक सिंह रावत के सीट बदलने और पुत्रवधु अनुकृति गुसाईंं के लिए लैंसडौन सीट पर दावेदारी से भाजपा में दिलचस्प जंग शुरू हो चुकी है। ( पर माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी हरक सिंह रावत को कोटद्वार से ही चुनाव लड़वाने का मन बना चुकी है)

इस बार पौड़ी, लैंसडौन सीटों पर मौजूदा विधायकों को अपने दल के भीतर से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। श्रीनगर, कोटद्वार और यमकेश्वर सीटों पर सियासत पूरी तरह गरमराई हुई है।
साल 2017 में इस जिले की सभी 6 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। 

2017 के चुनावों में पौड़ी जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर बीजेपी के विधायक चुनकर आए, लेकिन इस बार कुछ सीटों पर कलह भी देखने को मिल रहा है। लैंसडौन को लेकर कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत और विधायक दलीप रावत की बीच तकरार चल ही रही है। दरअसल, इस सीट पर कैबिनेट मंत्री अपनी बहू अनुकृति के लिए टिकट मांग रहे है। पौड़ी सीट से मौजूदा विधायक मुकेश कोली को अपनों से ही चुनौती मिल रही है।

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यहां आधा दर्जन दावेदार टिकट मांग रहे है।  चौबट्टाखाल, श्रीनगर, यमकेश्वर को लेकर बीजेपी को कुछ सकून जरूर है, तो कोटद्वार सीट पर भी पार्टी में दावेदार खडे़ है। ऐसा इसलिए भी है कि कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत हर बार अपनी सीट को बदल देते है, ऐसे में पार्टी के भीतर दावेदार मान रहे है कि यदि ऐसा हुआ तो फिर पार्टी को यहां प्रत्याशी की जरूरत पडेग़ी, और वह टिकट मांग रहे है।
कांग्रेस
बीते 2017 के चुनावों में कांगे्रस के हाथों से जिले की सभी 6 सीटें खिसकने का मलाल पार्टी को है। जिले की कुछ सीटों पर दावेदार पार्टी हाईकमान तक लामबंद है। पार्टी में पौड़ी सीट से सबसे अधिक 14 दावेदार है, जो पार्टी से टिकट मांग रहे हैं। इसमें पूर्व प्रत्याशी से लेकर जिला पदाधिकारी और अफसर भी शामिल है। हॉट सीट चौबट्टाखाल से भी पार्टी के टिकट को लेकर घमासान हो रहा है। कोई हरीश रावत तो कोई प्रीतम गुट से है।
यहां कम से कम 4 दावेदार सामने है। वहीं लैंसडौंन सीट पर पार्टी ंको मजबूत प्रत्याशी की दरकरार है। दावेदारी के मामले में कोटद्वार, और श्रीनगर सीटों पर पार्टी को कुछ राहत है। श्रीनगर सीट पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित दो दावेदार है। 2017 के चुनावों में गोदियाल श्रीनगर से और पूर्व काबीना मंत्री मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी कोटद्वार से हार गए थे। 
क्या कहती है मुद्दों की हवाएं
-कोटद्वार – जिला बनाने की मांग लंबे समय से जारी।
-यमकेश्वर-बीन नदी पर बनने वाले पुल सहित दो पुलों का निर्माण नहीं हो पाया, लोग इसकी मांग लंबे समय से कर रहे हैं।
-पौड़ी-खाली हाथ युवाओं को रोजगार नहीं मिलने सहित पलायन की समस्या का हल नहीं हो सका।
-श्रीनगर- एनआईटी के लिए स्थाई कैंपस नहीं बन सका।
-लैंसडौन-लचर स्वास्थ सेवाओं को लेकर कदम नहीं उठ
-चौबट्टाखाल- बीरोंखाल को जिला बनाने की मांग
पांच जरूरतें
-स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की जरूरत
-खस्ता हाल सड़कों को ठीक करने की जरूरत।
-ग्रामीण क्षेत्रों में संचार सेवाओं की फैलाव की जरूरत।
-रोजगार और स्वरोजगार के लिए मजबूत संसाधनों की जरूरत।
-पर्यटन स्थलों को लेकर रोड मैप बनाने की जरूरत।

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2017 में सीटों की स्थिति
भाजपा 6
कांग्रेस 0
यूकेडी 0
सपा 0
कुल वोटर 593307

पुरुष 295006
महिला 282102
ट्रांस जेंडर 09

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