
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लिखा है कि
कल आपने #तीलू_रौतेली पुरस्कार बांटा और पुरस्कार की राशि बढ़ाने का ऐलान किया और महिला शक्ति के शान में कई कसीदे कहे और हम सबको बहुत अच्छा लगा। क्योंकि अच्छी बात, अच्छी है। उसमें राजनीति नहीं आती है, मगर दूसरी तरफ #महिला सशक्तिकरण विभाग के तहत #टेक_होम_राशन की जो स्कीम हमने प्रारंभ की थी, जिस स्कीम से अब तक लगभग 30-40 हजार महिलाएं जुड़ चुकी हैं और अपनी परिवार की आर्थिकी को सुधार रही हैं, उसमें सहयोग दे रही हैं। हमने यह भी कल्पना की थी कि इन महिलाओं को बहुत सारी दूसरी एक्टिविटीज भी देंगे ताकि कोई महिला समूह ऐसा न रह जाए जिसको किसी न किसी तरीके से वाणिज्यिक गतिविधियों से न जोड़ दिया जाय और आपने एक बाहरी कंपनी को जो आपके किसी सहयोगी की बहुत चहेती कंपनी हो, हजारों महिलाओं के जो सपने थे उनको लूट लिया, उनको बर्बाद कर दिया और मुझे यह उम्मीद नहीं थी कि आपके भी खाने के दांत कुछ और, दिखाने के दांत कुछ और होंगे। जब आप महिला सशक्तिकरण कह रहे थे तो मुझे लगा कि आप वास्तविक अर्थों में #महिला_सशक्तिकरण कर रहे हैं। एक तरफ आपने कुछ हमारी बेटियों व बहनों को पुरस्कृत किया और दूसरी तरफ हजारों बेटी व बहनों से आपने उनका काम छीन लिया! उनको हतोत्साहित कर दिया! एक मोमेंटम बनाकर, आर्थिक सशक्तिकरण की आवश्यकता है। यह कार्यक्रम किसने किया शुरू किया यह महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण यह है कि ये कार्यक्रम महिलाओं के लिए वरदान सिद्ध हो रहा था, आपने उस वरदान को उनसे छीनने का काम किया है। याद रखिएगा चाहे कदम किसने उठाया हो, अनंतोगत्वा दोष तो मुख्यमंत्री के ही सर पर ही आता है इस #टेंडर को यदि स्वीकृत भी कर दिया गया है तो इसे रद्द किया जाना चाहिये।







