हमारे व्हॉट्सपप् ग्रुप से जुड़िये

अपने चम्पावत में आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी पहाड़ के कई गांव सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
जिसका खामियाजा इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को आए दिन भुगतना पड़ता है। बता दे कि शनिवार को लधिया घाटी के गोलडांडा के ग्रामीणों ने एक घायल को डोली में नौ किमी दूर बिनवालगांव सड़क तक पहुंचाया।
वहां से उसे वाहन के जरिए हल्द्वानी के अस्पताल ले जाया गया। गोलडांडा के ग्रामीण संजय बिनवाल और धीरू बिनवाल ने बताया कि 52 वर्षीय सुरेश बिनवाल शनिवार को खेतिया नामक स्थान पर गिरने से चोटिल हो गए।
सुरेश के पैर में गंभीर चोट आ गई। गांव से सड़क नौ किमी दूर होने के कारण घायल को वहां तक पहुंचाना चुनौती था। ग्रामीणों ने किसी तरह घायल को डोली के जरिए पैदल सड़क तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि बिनवालगांव से घायल को वाहन के जरिए हल्द्वानी के लिए रवाना किया गया।

यह भी पढ़े :  सवालों के निशाने पर दून हॉस्पिटल , कोरोना काल मे चूक पर चूक पर चूक सरकार कार्यवाही कब तक ?

धीरज जोशी, कमल चौथिया, जगदीश बिनवाल, गुड्डू बिनवाल, प्रकाश बिनवाल, रमेश लाल आदि ने बताया कि सड़क के लिए जनप्रतिनिधियों और अफसरों से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन बरसों पुरानी उनकी मांग आज तक पूरी नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान सभी सड़क बनाने का वादा करते हैं, लेकिन उसके बाद अनदेखी की जाती रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here