जाने क्यों कर दिया गया पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के आपदाग्रस्त ग्राम जुम्मा में भूस्खलन में लापता लोगों की खोजबीन का कार्य बंद

आपदा के बाद खोजबीन कार्य हुआ बंद

पिथौरागढ़ जिले की धारचूला तहसील के आपदाग्रस्त ग्राम जुम्मा में भूस्खलन में लापता लोगों की खोजबीन का कार्य बंद कर दिया गया है… जिसके बाद एक दम्पत्ति के मिलने की सम्भावना पर विराम लग गया है.. बता दे कि
29-30 अगस्त की रात धारचूला के जुम्मा गांव में अतिवृष्टि के बीच भूस्खलन से भूस्खलन से भारी नुकसान हुआ था.. जिससे जुम्मा के तोक जामुनी और सिरौउडियार में आधा दर्जन से अधिक मकान जमींदोज हो गए… जबकि 7 लोग लापता हो गए… अगले दिन राहत बचाव कार्य शुरू हुआ जिसमें तीन सगी बहनों सहित, 22 साल की सुनीता देवी और 62 साल की पार्वती देवी के शव बरामद कर लिए गए थे… घटना में लापता पति-पत्नी चंदन सिंह व् हाजरी देवी पत्नी चंदन सिंह के साथ ही पार्वती देवी पत्नी लाल सिंह का पता नहीं चल पाया…
लापता पति-पत्नी की खोजबीन के लिए 1 सितंबर की सायं तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया…
उप जिलाधिकारी धारचूला ए.के. शुक्ला ने बताया कि मृत लोगों के परिजनों के साथ ही जुम्मा के ग्राम प्रधान द्वारा लिखित पत्र दिया गया है… जिसमे खोजबीन कार्य बंद करने का अनुरोध किया गया है…
क्योकि जगह-जगह खुदाई से मलबा बहकर अन्य घरों तक भी पहुंचने से भूस्खलन की आशंका है… जिसके फलस्वरूप रेस्क्यू कार्य रोक दिया गया है…

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