प्रवासियों के उत्तराखंड पहुंचने के बाद से ही प्रदेश में कोरोना वायरस का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। आज भी
भी प्रदेश में पांच नए मामले सामने आए हैं।
इनमें तीन ही दून अस्पताल में भर्ती संक्रमित मरीजों के परिजन हैं। इन्हें भी संदिग्ध मानकर इनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली है। इसके साथ ही दो मामले ऊधमसिंहनगर जिले में सामने आए हैं। इसमें एक रुद्रपुर जिला अस्पताल में और एक एलडी भट्ट अस्पताल के आईसोलेशन वॉर्ड में भर्ती है। रुद्रपुर का युवक दिल्ली से और काशीपुर का युवक महाराष्ट्र से आया था। इन दोनों के नमूने जांच के लिए हल्द्वानी भेजे गए थे। 
इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चार नए मामले सामने आए थे। इनमें एक मरीज देहरादून की रिंग रोड स्थित आदर्श कॉलोनी, एक पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लॉक और दो जनपद नैनीताल से हैं। चारों ही कुछ दिन पहले दिल्ली और गुरुग्राम से लौटे हैं। दून निवासी युवक की मां पहले ही कोरोना पॉजिटिव आ चुकी हैं।
एक सप्ताह के भीतर बाहरी राज्यों से उत्तराखंड लौटे 24 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है।

चिंताजनक पहलू यह है कि अब पर्वतीय क्षेत्रों में भी कोरोना का खतरा बढ़ने लगा है। ग्रीन जोन में शामिल रहे उत्तरकाशी और अल्मोड़ा के बाद अब पौड़ी में भी 50 दिन बाद फिर कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। यहां तीन दिन पहले हरियाणा के गुरुग्राम से वापस कोटद्वार लौटा बीरोंखाल ब्लॉक निवासी 23 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित पाया गया है। युवक को बेस अस्पताल कोटद्वार में भर्ती कराया गया है।
इधर, देहरादून की रिंग रोड स्थित आदर्श कॉलोनी के जिस 29 वर्षीय युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है वह भी चार दिन पहले दिल्ली से अपनी मां के साथ वापस लौटा था। उसकी मां पहले ही एम्स ऋषिकेश में भर्ती है। संदिग्ध मरीज के लिहाज से युवक को भी सीमा डेंटल कॉलेज में क्वारंटाइन किया गया था। वहीं, नैनीताल में एक 11 वर्षीय बच्ची और 24 वर्षीय युवक कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। यह दोनों भी गुरुग्राम से लौटे हैं
।खबर लिखे जाने तक उत्तराखंड मैं 88  लोग कोरोना पाजिटिव पाए गए है और 51 लोग ठीक हो चुके है
उधर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज सचिवालय में कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाहरी राज्यों से उत्तराखण्डवासी काफी संख्या में आ रहे हैं, ये जिन जनपदों में आ रहे हैं, वहां पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए ताकि उत्तराखण्ड के बोर्डर ऐरिया पर स्क्रीनिंग का लोड कुछ कम हो सके। बाहर से आने वाले लोगों को जहां पर क्वारंटाइन किया जा रहा है, उसकी नियमित मोनिटरिंग की जाए। इसके लिए कर्मिकों की तैनाती की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन करवाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों के पास मास्क की उपलब्धता हो। मास्क का इस्तेमाल न करने वालों एवं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर जुर्माने की कारवाई की जाए। बाहरी राज्यों के जो श्रमिक उत्तराखण्ड में हैं, अगर वो अपने राज्यों में वापस जाना चाहतें हैं, तो सम्बन्धित राज्यों से जो वाहन आ रहे हैं, उन्हें उन वाहनों में भेजने की व्यवस्था की जाए।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि बाहरी राज्यों से जितने भी लोग आ रहे उनका पूरा डाटा रखा जाए कि ये कहां पर क्वारंटाइन किये गये हैं। यदि इनमें से कोई कोरोना पाॅजिटिव पाया जाता है तो अन्य लोगों को भी ट्रेस किया जा सके। इसके लिए पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को अलर्ट के लिए एस.एम.एस भेजने की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कन्ट्रोल रूम एवं आईटी सेक्टर को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है एवं पूरा सहयोग दिया जा रहा है।



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