
उत्तराखंड में 13 को जून मानसून पहुंच चुका है। इस साल मानसून ने एक हफ्ते पहले ही राज्य में दस्तक दी है। वहीं राज्य में सोमवार को सुबह से ही चटख धूप खिली हुई, जिससे लोगों को मानसून का आगाज होने का अहसास नहीं हो पा रहा है।कल यानी रविवार को जब मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दी तो राजधानी देहरादून में कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई और कई इलाकों में बदरा बरसे ही नहीं। आमतौर पर उत्तराखंड में 21 जून को मानसून पहुंचता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून के तय वक्त से करीब एक हफ्ते पहले उत्तराखंड पहुंचने की घोषणा कर दी है। इससे राज्य के सभी जिलों में में बारिश का सिलसिला तेज होने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने भी राज्य में अगले पांच दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून का प्रवेश कुमाऊं वाले छोर से हुआ। पूरे प्रदेश पर इसका प्रभाव छा गया है।
विभाग ने आशंका जताई कि सोमवार को पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्य के कई अन्य क्षेत्रों में बिजली चमकने और हल्की बारिश की संभावना है। मैदानी क्षेत्रों में 40 किलोमीटर तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। मौसम विभाग ने बताया-15 जून को नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 16 जून को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 17 जून को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत जिलों में बारिश की संभावना है।
सामान्य रहेगा मानसून
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में इस बार मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद जताई है। राज्य में मानसून सीजन तीस सितंबर तक माना जाता है। विभाग का आकलन है कि अगले करीब साढ़े तीन माह में राज्य में 1200 एमएम बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार मानसून ने पूरे राज्य को कवर कर लिया है।







