मोदी धामी की सरकार मे उत्तराखंड के नए युग की शुरुआत तीर्थाटन ने चारधाम यात्रा से फर्राटा भरा केदारनाथ, यमुनोत्री धाम में घोड़ा खच्चर, हेली सेवा, डंडी-कंडी से 211 करोड़ का कारोबार.. पढ़े पूरी रिपोर्ट..


कोविड महामारी के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे पर्यटन और तीर्थाटन ने चारधाम यात्रा से फर्राटा भरा है। यात्रा से इस बार पर्यटन व्यवसायियों को भी अच्छी आमदनी हुई है। केदारनाथ, यमुनोत्री धाम में घोड़ा खच्चर, हेली सेवा, डंडी-कंडी से 211 करोड़ का कारोबार हुआ है। वहीं, गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को भी 50 करोड़ की आय का अनुमान है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चारधाम यात्रा से उत्तराखंड के नए युग की शुरुआत हुई है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा आखिरी पड़ाव पर है। बृहस्पतिवार को बाबा केदार और यमुनोत्री धाम मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गए हैं, जबकि गंगोत्री मंदिर के कपाट बीते दिवस बंद हुए हैं। बदरीनाथ मंदिर के कपाट 19 नवंबर को बंद होंगे। उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन पर खुशी जताई।

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि आने वाला दशक उत्तराखंड का है। अब उसकी शुरुआत हो चुकी है। सरकार का प्रयास है कि यात्रा से स्थानीय लोगों की आजीविका में वृद्धि हो और आय के श्रोत और बढ़ें। इसके लिए सरकार हर स्तर पर काम कर रही है। कुशल प्रबंधन से इस बार रिकॉर्ड 45 लाख यात्रियों ने चारधाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन किए हैं। अकेले केदारनाथ में 15.55 लाख तीर्थ यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन कर यात्रा के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया।

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केदारनाथ यात्रा स्थानीय व्यवसायियों के लिहाज से भी काफी बेहतर रही। हेली सेवा के टिकट, घोड़ा खच्चरों और डंडी कंडी के यात्रा भाड़े की बात करें तो, लगभग 190 करोड़ के आसपास यह कारोबार हुआ है। केदारनाथ धाम इस बार घोड़े खच्चर वालों ने करीब 109 करोड़ 28 लाख रुपये का रिकॉर्ड कारोबार किया। सरकार को भी आठ करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त हुआ।

यात्रा सुगम बनाने को लेकर प्रशासन ने 4302 घोड़ा मालिकों के 8664 घोड़े खच्चर पंजीकृत किए थे। इस सीजन में 5.34 लाख तीर्थयात्रियों ने घोड़े खच्चरों की सवारी कर केदारनाथ धाम तक यात्रा की। यमुनोत्री धाम में भी घोड़े खच्चर वालों ने 21 करोड़ का कारोबार किया। वहीं, डंडी-कंडी वालों ने 86 लाख रुपये की कमाई की और हेली कंपनियों ने 75 करोड़ 40 लाख रुपये का कारोबार किया। सीतापुर और सोनप्रयाग पार्किंग से लगभग 75 लाख का राजस्व सरकार को प्राप्त हुआ है।

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चारधाम यात्रा मार्ग के सभी होटल, होमस्टे, लॉज और धर्मशाला भी पिछले छह माह तक बुक रहे। पिछले सालों तक जीएमवीएन जहां आर्थिक नुकसान झेल रहा था इस साल अगस्त तक 40 करोड़ की आय कर चुका है। जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक बंशीधर तिवारी ने बताया कि इस बार निगम 50 करोड़ की आय का अनुमान है। इसके अलावा चारधाम यात्रा से जुड़े टैक्सी व्यवसायों ने भी पिछले सालों की औसत आय से तीन गुना अधिक का कारोबार किया है।
इस बार चारधाम यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वीआईपी भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने गत 21 अक्तूबर को बदरीनाथ धाम स्थित माणा गांव में वोकल फॉर लोकल का जिक्र करते हुए देशवासियों से आग्रह किया कि जहां भी जाएं एक संकल्प करें कि यात्रा पर जितना भी खर्च करते हैं। उसका कम से कम पांच प्रतिशत वहां के स्थानीय उत्पाद खरीदने पर खर्च करें। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी मिल जाएगी, जिसकी कल्पना भी नही कर सकते। ऐसे में अब भविष्य को देखते हुए चारधाम यात्रा में स्थानीय उत्पादों को भी बड़ा मार्केट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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